Headline
देहरादून एसएसपी से मिलने पहुंची नन्ही बच्ची, फूल देकर जताया पुलिस के प्रति सम्मान
देहरादून एसएसपी से मिलने पहुंची नन्ही बच्ची, फूल देकर जताया पुलिस के प्रति सम्मान
खाना खाने के बाद क्यों आती है नींद? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
खाना खाने के बाद क्यों आती है नींद? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर यूथ कांग्रेस का हल्ला बोल
रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर यूथ कांग्रेस का हल्ला बोल
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में “हर घर नल से जल” का संकल्प तेजी से साकार हो रहा- त्रिवेन्द्र
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में “हर घर नल से जल” का संकल्प तेजी से साकार हो रहा- त्रिवेन्द्र
‘डकैत’ की रिलीज टली, अब फिल्म 10 अप्रैल को देगी सिनेमाघरों में दस्तक
‘डकैत’ की रिलीज टली, अब फिल्म 10 अप्रैल को देगी सिनेमाघरों में दस्तक
भराड़ीसैंण में मोर्निंग वाक पर निकले सीएम धामी, स्थानीय लोगों के साथ लिया चाय की चुस्कियों का आनन्द
भराड़ीसैंण में मोर्निंग वाक पर निकले सीएम धामी, स्थानीय लोगों के साथ लिया चाय की चुस्कियों का आनन्द
22 साल बाद भारत को मिली अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी
22 साल बाद भारत को मिली अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी
नन्दादेवी राजजात के लिए 109.65 करोड़ स्वीकृत- महाराज
नन्दादेवी राजजात के लिए 109.65 करोड़ स्वीकृत- महाराज
धौरण रोड पर अवैध “हेल्पिंग हेल्थ” हॉस्पिटल पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई
धौरण रोड पर अवैध “हेल्पिंग हेल्थ” हॉस्पिटल पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई

पेयजल के लिए खलंगा क्षेत्र के 2 हजार पेड़ चिन्हित, 524 करोड़ की बनेगी परियोजना 

पेयजल के लिए खलंगा क्षेत्र के 2 हजार पेड़ चिन्हित, 524 करोड़ की बनेगी परियोजना 

पर्यावरण प्रेमी कर रहे विरोध, पेड़ों पर बांधा गया रक्षा सूत्र 

देहरादून। खलंगा में सौंग परियोजना के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के नाम पर साल के करीब दो हजार हरे पेड़ों को काटे जाने की तैयारी है। पेड़ों पर लाल निशान लगा दिए गए हैं। जबकि वन विभाग का कहना है कि पेयजल निगम की ओर से वन भूमि हस्तांरण का अब तक कोई प्रस्ताव नहीं मिला न ही केंद्र से इसकी मंजूरी मिली है। वन संरक्षक यमुना वृत्त कहकशां नसीम के मुताबिक वन विभाग को खलंगा में भूमि हस्तांतरण का कोई प्रस्ताव नहीं मिला। केंद्र सरकार की ओर से भी अभी इस तरह की कोई अनुमति नहीं मिली। पेयजल निगम को पूर्व में बताया गया था कि खलंगा के बजाए किसी अन्य स्थान पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जाए।

इसके लिए निगम को दो से तीन जगह भी दिखाई। जहां कम पेड़ थे, लेकिन निगम को यह जगह पसंद नहीं आई। उधर पर्यावरण प्रेमी पेड़ों को काटे जाने का विरोध कर रहे हैं। उनकी ओर से पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधा गया है। उनका कहना है कि पेड़ों को बचाने के लिए चिपको आंदोलन की तर्ज पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। सौंग बांध परियोजना से पेयजल आपूर्ति के लिए खलंगा क्षेत्र की सात हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। पेयजल निगम यहां इन दिनों पेड़ों को चिन्हित कर रहा है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि इससे ही आधे शहर में आसानी से पेयजल आपूर्ति संभव है। करीब तीन हजार करोड़ की सौंग बांध परियोजना में 524 करोड़ की पेयजल परियोजना बनेगी।

इसके लिए सौंग बांध के नजदीक ऊंचाई वाले स्थान पर रिजर्व वेयर बनाया जाएगा। इसके लिए पेयजल निगम को सात हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। जिसमें 4.2 हेक्टेयर भूमि पर 150 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा। पेयजल निगम ने खलंगा के निकट ऐसी भूमि चिन्हित की है, जिससे पूरे दबाव के साथ आधे देहरादून शहर को पानी की आपूर्ति की जा सकेगी। मुख्य अभियंता संजय सिंह का कहना है कि यह उपयुक्त भूमि है, क्योंकि यहां से पानी की आपूर्ति में लाइनों में दबाव पूरा रहेगा। उनका कहना है कि अन्य किसी स्थान पर पानी का दबाव व्यावहारिक नहीं है। पेयजल निगम के मुख्य अभियंता संजय सिंह का कहना है कि अभी केवल प्रोजेक्ट के हिसाब से पेड़ों को चिन्हित किया जा रहा है। पेड़ कटान नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि निगम सभी पहलुओं पर प्रोजेक्ट के हिसाब से काम कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top