Headline
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अवसरों को लेकर इंटर्न्स को मिला मार्गदर्शन
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अवसरों को लेकर इंटर्न्स को मिला मार्गदर्शन
खेल विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, 8.57 करोड़ रुपये स्वीकृत
खेल विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, 8.57 करोड़ रुपये स्वीकृत
हाई ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा सकते हैं किडनी रोग का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
हाई ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा सकते हैं किडनी रोग का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही- किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 92 मकान मालिकों पर 9.20 लाख का जुर्माना
दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही- किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 92 मकान मालिकों पर 9.20 लाख का जुर्माना
ओटीटी पर छाई प्रियंका चोपड़ा की ‘द ब्लफ’, व्यूअरशिप में बनी नंबर 1
ओटीटी पर छाई प्रियंका चोपड़ा की ‘द ब्लफ’, व्यूअरशिप में बनी नंबर 1
संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला
संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला
आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज
आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज
पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी
पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी
घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं- महाराज
घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं- महाराज

बारिश न होने से पहाड़ से लेकर मैदान तक सूखी ठंड से परेशान लोग, दिन और रात के तापमान में भी आया अंतर

बारिश न होने से पहाड़ से लेकर मैदान तक सूखी ठंड से परेशान लोग, दिन और रात के तापमान में भी आया अंतर

देहरादून। प्रदेश में बारिश न होने की वजह से पहाड़ से लेकर मैदान तक सूखी ठंड लोगों को परेशान कर रही है। उधर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है अगले कुछ समय तक प्रदेशभर में ऐसा ही मौसम देखने को मिलेगा। विंटर में बारिश न होने की वजह से दिन और रात के तापमान में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि सुबह-शाम ठंड बढ़ने के साथ मैदानी इलाकों में कोहरा छाने लगा है।

मौसम के बदले पैटर्न के चलते बीते साल से सर्दियों में बारिश के आंकड़ों में कमी दर्ज की गई है। यही वजह है कि प्रदेश भर में सूखी ठंड लोगों को परेशान कर रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है बारिश न होने की वजह से पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी नहीं हो रही है। बारिश और बर्फबारी के बाद रिकॉर्ड किया जाने वाला दिन और रात के तापमान के अंतर भी कम होगा। इसके अलावा बारिश-बर्फबारी के बाद मौसम सुहावना होगा। जबकि मैदानी इलाकों में कोहरे का भी असर कम होगा।

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी आंकड़ों पर नजर डाले तो एक से 17 दिसंबर तक प्रदेश भर में 4.4 एमएम बारिश हुई, जबकि अभी तक 8.2 एमएम बारिश होनी थी। उधर बारिश न होने की वजह से मैदानी इलाकों में सुबह के समय कोहरा तो पहाड़ों में पाला सता रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top