उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में स्थित छोटे मंदिर और शिव प्रतिमाएं जलमग्न हो गई हैं। इससे क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों की चिंता भी बढ़ गई है।
इधर, मौसम की अनिश्चितता के बावजूद केदारनाथ यात्रा सोमवार सुबह से पुनः शुरू की गई। अपराह्न 3 बजे तक कुल 7936 श्रद्धालुओं ने सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया, जिनमें से अधिकांश देर शाम तक धाम पहुंच गए। वहीं, 8400 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर सकुशल सोनप्रयाग लौटे।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर शासन ने सोमवार सुबह चारधाम यात्रा को स्थगित करने का निर्णय लिया था, लेकिन सुबह 8 बजे गढ़वाल कमिश्नर द्वारा इस आदेश को निरस्त कर दिया गया। उन्होंने जिलाधिकारियों को स्थानीय मौसम की स्थिति के अनुसार यात्रा संचालन के निर्देश दिए।
भूस्खलन और बारिश बनी चुनौती
जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देश पर सुबह 9 बजे से यात्रा को दोबारा शुरू किया गया। हालांकि, गौरीकुंड हाईवे पर मुनकटिया और शटल पार्किंग क्षेत्र में सक्रिय भूस्खलन जोन के कारण यात्रियों को पुलिस सुरक्षा के बीच सावधानीपूर्वक रास्ता पार कराया गया।
सोनप्रयाग चौकी प्रभारी निरीक्षक राकेंद्र सिंह कठैत ने बताया कि रुक-रुककर हो रही बारिश से हाईवे और पैदल मार्ग कई स्थानों पर अति संवेदनशील हो गए हैं। इससे यात्रा संचालन में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज गर्जन की चेतावनी जारी की है। अन्य जिलों में भी तेज बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट है। अगले कुछ दिनों तक—विशेषकर 6 जुलाई तक—प्रदेश भर में भारी बारिश के आसार जताए गए हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा के लिए प्रस्थान करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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