Headline
देहरादून एसएसपी से मिलने पहुंची नन्ही बच्ची, फूल देकर जताया पुलिस के प्रति सम्मान
देहरादून एसएसपी से मिलने पहुंची नन्ही बच्ची, फूल देकर जताया पुलिस के प्रति सम्मान
खाना खाने के बाद क्यों आती है नींद? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
खाना खाने के बाद क्यों आती है नींद? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर यूथ कांग्रेस का हल्ला बोल
रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर यूथ कांग्रेस का हल्ला बोल
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में “हर घर नल से जल” का संकल्प तेजी से साकार हो रहा- त्रिवेन्द्र
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में “हर घर नल से जल” का संकल्प तेजी से साकार हो रहा- त्रिवेन्द्र
‘डकैत’ की रिलीज टली, अब फिल्म 10 अप्रैल को देगी सिनेमाघरों में दस्तक
‘डकैत’ की रिलीज टली, अब फिल्म 10 अप्रैल को देगी सिनेमाघरों में दस्तक
भराड़ीसैंण में मोर्निंग वाक पर निकले सीएम धामी, स्थानीय लोगों के साथ लिया चाय की चुस्कियों का आनन्द
भराड़ीसैंण में मोर्निंग वाक पर निकले सीएम धामी, स्थानीय लोगों के साथ लिया चाय की चुस्कियों का आनन्द
22 साल बाद भारत को मिली अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी
22 साल बाद भारत को मिली अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी
नन्दादेवी राजजात के लिए 109.65 करोड़ स्वीकृत- महाराज
नन्दादेवी राजजात के लिए 109.65 करोड़ स्वीकृत- महाराज
धौरण रोड पर अवैध “हेल्पिंग हेल्थ” हॉस्पिटल पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई
धौरण रोड पर अवैध “हेल्पिंग हेल्थ” हॉस्पिटल पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई

पुरी रथ यात्रा के तीन पहिए अब संसद परिसर में होंगे स्थापित

पुरी रथ यात्रा के तीन पहिए अब संसद परिसर में होंगे स्थापित

नई दिल्ली: विश्वप्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा के रथों के तीन पहिए अब संसद परिसर में स्थापित किए जाएंगे। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने बताया कि यह प्रस्ताव लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सामने पुरी यात्रा के दौरान रखा गया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।

एसजेटीए के प्रमुख प्रशासक अरविंद के मुताबिक, तीनों पहिए भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र के रथों से निकाले जाएंगे। भगवान जगन्नाथ के रथ का नाम नंदीघोष, देवी सुभद्रा का रथ दर्पदलन और भगवान बलभद्र का रथ तालध्वज है। इन रथों से प्रत्येक रथ का एक पहिया दिल्ली भेजा जाएगा, जो संसद में स्थापित किया जाएगा।

संसद में संस्कृति का दूसरा प्रतीक

दो साल पहले 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में स्पीकर की कुर्सी के बगल में सेंगोल स्थापित किया था। रथ यात्रा के पहिए लगाने के बाद यह संसद परिसर में स्थापित होने वाला संस्कृति से जुड़ा दूसरा प्रतीक होगा।

सेंगोल को अंग्रेजों ने 14 अगस्त 1947 की रात पंडित नेहरू को सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के रूप में सौंपा था। 1960 से पहले इसे आनंद भवन में रखा गया था और 1978 से यह इलाहाबाद म्यूजियम में रखा गया।

Back To Top