Headline
देहरादून एसएसपी से मिलने पहुंची नन्ही बच्ची, फूल देकर जताया पुलिस के प्रति सम्मान
देहरादून एसएसपी से मिलने पहुंची नन्ही बच्ची, फूल देकर जताया पुलिस के प्रति सम्मान
खाना खाने के बाद क्यों आती है नींद? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
खाना खाने के बाद क्यों आती है नींद? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर यूथ कांग्रेस का हल्ला बोल
रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर यूथ कांग्रेस का हल्ला बोल
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में “हर घर नल से जल” का संकल्प तेजी से साकार हो रहा- त्रिवेन्द्र
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में “हर घर नल से जल” का संकल्प तेजी से साकार हो रहा- त्रिवेन्द्र
‘डकैत’ की रिलीज टली, अब फिल्म 10 अप्रैल को देगी सिनेमाघरों में दस्तक
‘डकैत’ की रिलीज टली, अब फिल्म 10 अप्रैल को देगी सिनेमाघरों में दस्तक
भराड़ीसैंण में मोर्निंग वाक पर निकले सीएम धामी, स्थानीय लोगों के साथ लिया चाय की चुस्कियों का आनन्द
भराड़ीसैंण में मोर्निंग वाक पर निकले सीएम धामी, स्थानीय लोगों के साथ लिया चाय की चुस्कियों का आनन्द
22 साल बाद भारत को मिली अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी
22 साल बाद भारत को मिली अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी
नन्दादेवी राजजात के लिए 109.65 करोड़ स्वीकृत- महाराज
नन्दादेवी राजजात के लिए 109.65 करोड़ स्वीकृत- महाराज
धौरण रोड पर अवैध “हेल्पिंग हेल्थ” हॉस्पिटल पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई
धौरण रोड पर अवैध “हेल्पिंग हेल्थ” हॉस्पिटल पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई

टिहरी बांध की झील अपनी अधिकतम क्षमता के करीब, THDC ने शुरू किया जल छोड़ा

टिहरी बांध की झील अपनी अधिकतम क्षमता के करीब, THDC ने शुरू किया जल छोड़ा

नई टिहरी: लगातार हो रही झमाझम बारिश के चलते टिहरी बांध की झील तेजी से अपनी अधिकतम क्षमता की ओर बढ़ रही है। झील का जलस्तर गुरुवार तक 826.11 मीटर आरएल (रीवर लेवल) तक पहुंच गया है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 830 मीटर आरएल निर्धारित है। अब इसमें मात्र 3 मीटर पानी भरने की क्षमता शेष है।

भागीरथी और भिलंगना नदियों के साथ-साथ अन्य सहायक नदियों से प्रतिदिन झील में 1200 क्यूमेक्स पानी की आवक हो रही है। इसमें 500 क्यूमेक्स भागीरथी, 400 क्यूमेक्स भिलंगना, तथा 300 क्यूमेक्स अन्य नदियों से आ रहा है। जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए टीएचडीसी को बांध के ऊपरी हिस्से में बने दो अनगेटेड साफ्ट स्पिलवे के जरिए पानी छोड़ना पड़ रहा है। इस समय झील से प्रतिदिन 800 क्यूमेक्स पानी का डिस्चार्ज किया जा रहा है।

टीएचडीसी के अधिशासी निदेशक एलपी जोशी ने जानकारी दी कि झील की हर पल निगरानी की जा रही है और फिलहाल किसी भी तरह की आपात स्थिति नहीं है। उनका कहना है कि जलस्तर में बढ़ोतरी के बावजूद अब तक किसी तरह की जनहानि या नुकसान की सूचना नहीं है।

टिहरी बांध की झील वर्ष 2005 में तैयार हुई थी, और इसके बाद वर्ष 2010 व 2013 में इसमें सबसे अधिक जलभराव देखा गया था। उस समय भी पानी छोड़ने के लिए स्पिलवे का इस्तेमाल किया गया था।

जलस्तर में वृद्धि से बिजली उत्पादन में भी बढ़ोतरी हो रही है। वर्तमान में टिहरी बांध, पीएसपी परियोजना, और कोटेश्वर बांध से कुल मिलाकर 1986 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। पीएसपी परियोजना के अगले दो से तीन महीनों में पूर्ण होने की उम्मीद है, जिससे कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 2400 मेगावाट तक पहुंच जाएगी।

Back To Top