Headline
लंबित मांगों को लेकर आक्रोशित आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने किया धरना प्रदर्शन
लंबित मांगों को लेकर आक्रोशित आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने किया धरना प्रदर्शन
गर्मी में राहत या बीमारी का खतरा? फ्रोजन डेजर्ट खाने से पहले जान लें ये बातें
गर्मी में राहत या बीमारी का खतरा? फ्रोजन डेजर्ट खाने से पहले जान लें ये बातें
उत्तराखंड में मौसम का ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में आंधी-तूफान की चेतावनी
उत्तराखंड में मौसम का ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में आंधी-तूफान की चेतावनी
उद्योगपति मुकेश अंबानी ने किए बदरीनाथ-केदारनाथ के दर्शन
उद्योगपति मुकेश अंबानी ने किए बदरीनाथ-केदारनाथ के दर्शन
‘हॉन्टेड 3डी- इकोज ऑफ द पास्ट’ ने वीकेंड पर दिखाई रफ्तार, तीन दिनों में कमाए इतने करोड़ रुपये
‘हॉन्टेड 3डी- इकोज ऑफ द पास्ट’ ने वीकेंड पर दिखाई रफ्तार, तीन दिनों में कमाए इतने करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री धामी ने खेत में चलाया टिलर, पारंपरिक कृषि और जैविक खेती को बढ़ावा देने का दिया संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने खेत में चलाया टिलर, पारंपरिक कृषि और जैविक खेती को बढ़ावा देने का दिया संदेश
किसान भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन मूल्यों के सच्चे संवाहक हैं- मुख्यमंत्री
किसान भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन मूल्यों के सच्चे संवाहक हैं- मुख्यमंत्री
कैंची धाम के 62वें स्थापना दिवस पर उमड़ा आस्था का सैलाब, बाबा के जयकारों से गूंजा धाम
कैंची धाम के 62वें स्थापना दिवस पर उमड़ा आस्था का सैलाब, बाबा के जयकारों से गूंजा धाम
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी- मुख्यमंत्री धामी
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी- मुख्यमंत्री धामी

दून संस्कृति स्कूल ने कक्षा 4 से 10 तक के छात्रों के लिए गीता को नियमित पाठ्यक्रम में किया शामिल

दून संस्कृति स्कूल ने कक्षा 4 से 10 तक के छात्रों के लिए गीता को नियमित पाठ्यक्रम में किया शामिल

गणित, हिंदी और अंग्रेजी की तरह हर दिन होगी गीता की क्लास

देहरादून। प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल के तहत झाझरा स्थित जनजातीय विद्यालय ने अपने नियमित पाठ्यक्रम में श्रीमद्भागवत गीता को शामिल कर दिया है। यह पहला मौका है जब किसी जनजातीय स्कूल में गीता को गणित, हिंदी और अंग्रेजी की तरह एक अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन ने इसे बच्चों में नैतिक मूल्यों और भारतीय सांस्कृतिक जड़ों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

दून संस्कृति स्कूल, झाझरा में कक्षा चार से दसवीं तक के छात्रों के लिए गीता पाठ को पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है। इसके लिए पौंधा गुरुकुल के आचार्य अंकित आर्य को बतौर प्रशिक्षक नियुक्त किया गया है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गीता को सम्मानपूर्वक प्रस्तुत करने और रूस के राष्ट्रपति पुतिन को गीता भेंट करने से प्रेरित होकर यह निर्णय लिया गया।

पूर्व सांसद तरुण विजय ने विद्यालय की इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किए जाने योग्य बताते हुए सभी स्कूलों में नियमित रूप से गीता शिक्षण को शामिल किए जाने की अपील की है। इस अभियान में आर्य समाज मंदिर धामावाला के प्रधान सुधीर गुलाटी का भी सहयोग रहा।

विद्यालय में शनिवार से गीता कक्षा का औपचारिक शुभारंभ हो चुका है। अब प्रतिदिन गणित, हिंदी और अंग्रेजी की तरह ही गीता का एक पीरियड लगाया जाएगा। इस जनजातीय स्कूल में उत्तर-पूर्वी राज्यों—नागालैंड, मणिपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं, जो अब इस नए पाठ्यक्रम के माध्यम से भारतीय ग्रंथों से भी परिचित होंगे।

Back To Top