हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की होगी विशेष निगरानी, सड़क पर गड्ढों से हादसा हुआ तो संबंधित अधिकारी होंगे जिम्मेदार
देहरादून। आगामी मानसून को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में जलभराव, सड़क सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, डेंगू नियंत्रण, पेयजल, जर्जर भवनों और नागरिक सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
डीएम ने रिस्पना और बिंदाल नदी किनारे संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने, नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और जलभराव वाले क्षेत्रों में पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई विभाग से शहर की नहरों और अंडरग्राउंड नहरों का विस्तृत ब्यौरा भी मांगा।
सड़क कटिंग के बाद मरम्मत कार्यों में लापरवाही पर जिलाधिकारी ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण एजेंसियां सड़क को तुरंत गड्ढामुक्त करें। यदि सड़क पर गड्ढों के कारण कोई दुर्घटना होती है या जानमाल का नुकसान होता है तो संबंधित अधिकारी एवं एजेंसी की जिम्मेदारी तय करते हुए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गेल के कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की शिकायत मिलने पर संबंधित ठेकेदार पर जुर्माना लगाने और दोबारा गलती होने पर ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी गई।
बैठक में डेंगू और मलेरिया नियंत्रण की समीक्षा करते हुए डीएम ने नियमित फॉगिंग, लार्वा नष्ट करने और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुख्य शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में बच्चों के लिए फुल बाजू की ड्रेस पहनने की व्यवस्था लागू करने और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
मानसून के दौरान दुर्गम क्षेत्रों की हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी के निर्देश देते हुए डीएम ने स्वयं दूरभाष पर उनका हालचाल जाना। मुख्य चिकित्साधिकारी को गर्भवती महिलाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने तथा प्रसव तिथि से एक सप्ताह पहले उन्हें सुरक्षित अस्पतालों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने नगर निकायों को खराब स्ट्रीट लाइटें तत्काल ठीक करने, जहां जरूरत हो वहां नई स्ट्रीट लाइट लगाने, रैन बसेरों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और जर्जर भवनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नगर निगम ने बताया कि शहर में 23 जर्जर भवन चिन्हित किए गए हैं।
बैठक में विद्युत विभाग को लटकते और असुरक्षित बिजली के तारों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने, भूमिगत केबलिंग में तेजी लाने तथा मानसून के दौरान विद्युत व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि मानसून के दौरान सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
