फतेहपुर में युवक की हत्या के मामले में दो सगे भाइयों को उम्रकैद, 1.04 लाख रुपये जुर्माना

फतेहपुर। किशुनपुर थाना क्षेत्र के सिलमी गांव में करीब तीन साल पहले हुए युवक की हत्या के मामले में अदालत ने दो सगे भाइयों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों दोषियों पर अलग-अलग 1.04 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

मामला 3 फरवरी 2023 की रात का है। गांव निवासी रज्जन उस समय अशोक तिवारी के दरवाजे पर आग ताप रहा था। इसी दौरान पुराने भूमि विवाद को लेकर रामलखन त्रिवेदी उर्फ लखन उर्फ तेज प्रताप और उसके भाई शिवलखन त्रिवेदी उर्फ चंद्रप्रकाश वहां पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज के बाद विवाद बढ़ गया।

अभियोजन के अनुसार, इसी दौरान आरोपितों की मां सरस्वती ने अपने बेटों को रज्जन पर हमला करने के लिए उकसाया। इसके बाद दोनों भाइयों ने लाठी-डंडों से युवक पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण रज्जन की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-दो में हुई। पीठासीन अधिकारी अजय सिंह प्रथम ने गवाहों के बयान और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपितों को हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी माना। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह और रणधीर सिंह ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने छह गवाह अदालत के सामने पेश किए।

अदालत ने धारा 302 के तहत दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं धारा 504 में एक-एक वर्ष का कारावास और दो-दो हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 506 में भी एक-एक वर्ष की सजा और दो-दो हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मामले में आरोपी सरस्वती का नाम चार्जशीट में शामिल नहीं था। उसकी पत्रावली अलग चल रही है, इसलिए इस मामले में अदालत ने उसे तलब नहीं किया।

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