Headline
मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
UKSSSC परीक्षा को लेकर दून पुलिस अलर्ट
UKSSSC परीक्षा को लेकर दून पुलिस अलर्ट
सुनियाकोट-ओलिया मोटर मार्ग का शुभारंभ
सुनियाकोट-ओलिया मोटर मार्ग का शुभारंभ
मानसून से पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण रखें, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखें- प्रभारी मंत्री मदन कौशिक
मानसून से पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण रखें, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखें- प्रभारी मंत्री मदन कौशिक
तुंगनाथ धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, पुलिस ने जारी किए दिशा-निर्देश
तुंगनाथ धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, पुलिस ने जारी किए दिशा-निर्देश
481 भारतीय एवं 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी
481 भारतीय एवं 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी
वीकेंड पर नैनीताल में पर्यटकों का सैलाब, शहर की सड़कों पर लगा लंबा जाम
वीकेंड पर नैनीताल में पर्यटकों का सैलाब, शहर की सड़कों पर लगा लंबा जाम
क्या आप भी खाते हैं रोजाना तला-भुना खाना? तो बढ़ सकता है इन गंभीर बीमारियों का खतरा
क्या आप भी खाते हैं रोजाना तला-भुना खाना? तो बढ़ सकता है इन गंभीर बीमारियों का खतरा
दून मेडिकल कॉलेज में 80 लाख के मेस घोटाले का खुलासा, जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी गई
दून मेडिकल कॉलेज में 80 लाख के मेस घोटाले का खुलासा, जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी गई

एनसीएईआर ने जारी किया देश में गरीबी का आंकड़ा, यहां देखें रिपोर्ट

एनसीएईआर ने जारी किया देश में गरीबी का आंकड़ा, यहां देखें रिपोर्ट

नई दिल्ली। देश में महंगाई और गरीबी एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर सरकार बनती भी है और बिगड़ती भी है. इस लोकसभा चुनाव विपक्ष ने गरीबी को लेकर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला और गरीबों के लिए सरकार द्वारा किए गए कामों की रिपोर्ट भी मांगी. हालांकि चुनाव खत्म हो चुके हैं और लगातार तीसरी बार पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की कमाल संभाली है. हाल ही में देश में गरीबों की संख्या को लेकर इकोनॉमिक थिंक टैंक एनसीएईआर ने एक रिपोर्ट जारी की, जिससे मोदी सरकार को जरूर राहत मिलेगी. रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले दस साल में देश में गरीबी कम हुई है, जो साल 2011-12 में 21 प्रतिशत हुआ करती थी. लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 10 वर्षों में भारत में गरीबी के स्तर में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. 2023-24 में इसके 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

गरीबों को मिला सरकारी योजनाओं का फायदा
नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) की यह स्टडी भारत मानव विकास सर्वेक्षण (आईएचडीएस)​​ के ताजा डेटा के आधार पर जारी की गई है. सोनाल्डे देसाई के नेतृत्व में एनसीएईआर के अर्थशास्त्रियों ने अपने अनुमान में कहा कि पिछले 10 वर्ष में ग्रामीण इलाकों में गरीबी का अनुपात गिरकर 8.6 प्रतिशत रह गया है, जो कि 2011-12 में 24.8 प्रतिशत पर था. इस दौरान शहरी इलाकों में गरीबी का अनुपात 13.4 प्रतिशत से गिरकर 8.4 प्रतिशत रह गया है. शहरों की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में गरीबी दर में ज्यादा गिरावट हुई है. रिपोर्ट में कहा गया कि केंद्र और राज्य सरकारों ने सार्वजनिक विपणन प्रणाली के तहत कई स्कीम लॉन्च की है. इससे फूड सब्सिडी बढ़ी है और इसका फायदा गरीब लोगों को मिला है।

ग्रामीण इलाकों में गरीबी दर में गिरावट
ग्रामीण इलाकों में गरीबी दर में गिरावट पर एसबीआई की ओर से भी एक रिपोर्ट जारी की गई थी. एसबीआई की रिपोर्ट में बताया गया कि 2018-19 से गरीबी अनुपात में 4.4 प्रतिशत की गिरावट हुई. महामारी के बाद से शहरी गरीबी अनुपात में 1.7 प्रतिशत की कमी आई है. रिपोर्ट में आगे कहा गया कि यह आंकड़े दिखाते हैं कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का फायदा समाज के अंतिम तबके को मिल रहा है. इसका असर ग्रामीण जीवन पर भी हुआ है. नीति आयोग के नोट में हाल ही में बताया गया था कि भारत का बहुआयामी गरीबी अनुपात 2022-23 में 11.28 प्रतिशत रह गया है, जो कि 2013-14 में 29.17 पर था. इसमें रिकॉर्ड 17.89 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है. नीति आयोग ने आगे कहा कि बीते नौ वर्षों में बहुआयामी गरीबी अनुपात कम होने के कारण 24.82 करोड़ लोग गरीबी से निकलने में सफल हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top