उत्तराखंड – News 303 https://news303.com National News Portal Thu, 11 Jun 2026 12:02:36 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://news303.com/wp-content/uploads/2023/12/cropped-News-303-Logo-01-32x32.png उत्तराखंड – News 303 https://news303.com 32 32 प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु से ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम ने की शिष्टाचार भेंट https://news303.com/olympic-medalist-mary-kom-paid-a-courtesy-call-on-principal-secretary-r-k-sudhanshu/ Thu, 11 Jun 2026 12:02:36 +0000 https://news303.com/olympic-medalist-mary-kom-paid-a-courtesy-call-on-principal-secretary-r-k-sudhanshu/ देहरादून। ओलंपिक पदक विजेता एवं भूतपूर्व राज्यसभा सदस्य मैरीकाम ने प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर कॉर्पाेरेट एवं गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से खेल क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करने तथा उनकी प्रतिभाओं के विकास हेतु विभिन्न संभावनाओं पर सार्थक चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं, प्रशिक्षण एवं अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करने और राज्य में खेल संस्कृति को सुदृढ़ कर राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर राज्य के खिलाडियों को अवसर प्रदान करने हेतु संभावना पर विचार किया गया।

इस मौके पर सचिव रणवीर सिंह, खेल निदेशक दीप्ती सिंह एवं अपर सचिव मनमोहन मैनाली उपस्थित रहे।

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कोट और देवल में फूलों व सब्जियों की खेती से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था- जिलाधिकारी https://news303.com/flower-and-vegetable-cultivation-in-kot-and-deval-will-transform-the-rural-economy-district-magistrate/ Thu, 11 Jun 2026 11:08:14 +0000 https://news303.com/flower-and-vegetable-cultivation-in-kot-and-deval-will-transform-the-rural-economy-district-magistrate/ लिलियम उत्पादकों के लिए कोल्ड स्टोरेज, परिवहन एवं विपणन सुविधाएं विकसित करने के दिए निर्देश

आधुनिक खेती, भंडारण और बाजार से जुड़ेंगे किसान, आय बढ़ाने पर प्रशासन का फोकस

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने गुरुवार को विकासखंड कोट के अंतर्गत कोट एवं देवल गांव का भ्रमण कर पॉलीहाउस आधारित खेती, सब्जी उत्पादन तथा लिलियम पुष्प उत्पादन गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं उत्पादन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में पारंपरिक खेती के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली फसलों, पुष्प उत्पादन और संरक्षित खेती (पॉलीहाउस) को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नयी दिशा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि उत्पादन, भंडारण और विपणन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करके स्थानीय किसानों की आर्थिक रूप से अधिक सशक्त किया जा रहा हुआ, जिससे युवाओं के लिए भी स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

कोट गांव में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पॉलीहाउस में उगायी जा रही विभिन्न सब्जियों एवं लिलियम पुष्प उत्पादन का अवलोकन किया। उन्होंने किसानों को पारंपरिक कृषि के साथ मशरूम उत्पादन, औषधीय एवं सुगंधित पौधों तथा अन्य लाभकारी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कृषि में विविधीकरण से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

जिलाधिकारी ने किसानों से उनके उत्पादन, वार्षिक आय, बाजार व्यवस्था एवं खेती से जुड़ी चुनौतियों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

जिलाधिकारी से संवाद में महिलाओं ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध होने से उनके फूल लंबे समय तक सुरक्षित रह सकेंगे और उन्हें बाजार में उचित समय पर बेहतर कीमत पर बेचने का अवसर मिलेगा। इस पर जिलाधिकारी ने बीडीओ को निर्देश दिए कि लिलियम पुष्पों के सुरक्षित भंडारण के लिए क्षेत्र में उपलब्ध किसी अनुपयोगी सरकारी भवन का चिन्हीकरण किया जाए, ताकि वहां कोल्ड स्टोरेज विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि कोल्ड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध होने से किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

किसानों ने बताया कि परिवहन के सीमित साधनों के कारण उत्पादों को समय पर बाजार तक पहुंचाने में कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि यदि समूह आधारित यूटिलिटी वाहन की व्यवस्था उपलब्ध हो जाती है तो उत्पादों को स्थानीय बाजारों के साथ-साथ बड़े व्यापारिक केंद्रों तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा। इससे परिवहन लागत कम होगी, उत्पादों की गुणवत्ता बनी रहेगी तथा किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। इस पर जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय कृषि एवं पुष्प उत्पादों के विपणन को सुदृढ़ बनाने के लिए किसानों के उपयोग हेतु यूटिलिटी वाहन उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्पादन के साथ-साथ बाजार तक समय पर पहुंच भी किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इसके उपरांत जिलाधिकारी देवल गांव पहुंचीं, जहां उन्होंने प्रगतिशील कृषक नरेश द्वारा संचालित पॉलीहाउस, सब्जी उत्पादन एवं लिलियम खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने खेती में अपनायी जा रही आधुनिक तकनीकों की सराहना करते हुए अन्य किसानों को भी ऐसे नवाचारों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने किसानों को सब्जी उत्पादन के साथ-साथ पुष्प उत्पादन, मशरूम, फलोत्पादन एवं अन्य आयवर्धक गतिविधियों को अपनाने की सलाह दी।

जिलाधिकारी ने उद्यान एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र के दस प्रमुख कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों की विस्तृत बुकलेट तैयार की जाए, जिसमें उत्पादों की विशेषताएं, उत्पादन क्षमता, बाजार संभावनाएं एवं ब्रांडिंग संबंधी जानकारी शामिल हो। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की पहचान और प्रचार-प्रसार बढ़ने से किसानों को व्यापक बाजार उपलब्ध होगा। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में अन्य पॉलीहाउस भी विकसित करने के निर्देश दिए।

जल संरक्षण को कृषि विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए जिलाधिकारी ने वाटर हार्वेस्टिंग टैंक निर्माण के प्रस्तावों को जिला योजना में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संरक्षण से सिंचाई सुविधाएं मजबूत होंगी तथा किसानों को वर्षभर खेती करने में सहायता मिलेगी। देवल गांव में जिलाधिकारी ने लिलियम उत्पादन से जुड़ी महिला कृषकों से भी संवाद किया। उन्होंने महिलाओं की समस्याएं सुनीं तथा सिंचाई, पेयजल और विपणन से संबंधित आवश्यकताओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला कृषकों को कृषि एवं उद्यानिकी गतिविधियों से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।

जिलाधिकारी ने उद्यान विभाग को निर्देश दिए कि सब्जी, लहसुन, लिलियम तथा अन्य स्थानीय कृषि उत्पादों के लिए बेहतर विपणन तंत्र विकसित किया जाए, जिससे किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेती, वैज्ञानिक भंडारण, प्रभावी विपणन व्यवस्था तथा मूल्य संवर्धन के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित किया जा सकता है।

इस अवसर पर जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, बीडीओ अमित बिजल्वाण, नायब तहसीलदार झबर सिंह असवाल, सहायक कृषि अधिकारी अमित पंत, कानूनगो संजय सिंह नेगी सहित अन्य अधिकारी एवं स्थानीय कृषक उपस्थित रहे।

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दालचीनी की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देगा अंतरराष्ट्रीय सेमिनार- गणेश जोशी https://news303.com/international-seminar-to-boost-commercial-cultivation-of-cinnamon-ganesh-joshi/ Thu, 11 Jun 2026 09:47:55 +0000 https://news303.com/international-seminar-to-boost-commercial-cultivation-of-cinnamon-ganesh-joshi/ कृषि मंत्री गणेश जोशी ने  दालचीनी विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला का किया शुभारंभ 

देहरादून। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने गुरुवार को सेलाकुई स्थित परफ्यूमरी एवं सगंध अनुसंधान एवं विकास संस्थान में दालचीनी विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यशाला की स्मारिका का भी विमोचन किया।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य में सगंध खेती को बढ़ावा देने के लिए महक क्रांति नीति 2026 लागू की गई है। इसके तहत 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सगंध खेती से आच्छादित कर 91 हजार किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि चम्पावत और नैनीताल में लगभग 5200 हेक्टेयर क्षेत्र में “सिनेमन वैली” विकसित की जा रही है, जिससे किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर सृजित होंगे। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में एरोमा एवं औषधीय पौधों के क्षेत्र को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों एवं योजनाओं के माध्यम से किसानों को सगंध खेती से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने तथा उत्तराखण्ड को एरोमा हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों एवं फॉरेस्ट लैंड में वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर औषधीय एवं सगंध पौधों की खेती के लिए अधिक से अधिक किसानों को जोड़कर प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि सगंध पौधा केंद्र ने पिछले दो दशकों में राज्य में सगंध खेती को नई पहचान दी है तथा यह सेमिनार दालचीनी की उन्नत खेती, अनुसंधान, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सेमिनार में प्रतिभाग कर रहे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय डेलीगेट्स को सम्मानित किया तथा औषधीय पौधों से निर्मित विभिन्न उत्पादों के स्टॉल का अवलोकन भी किया।

दालचीनी: प्रवर्धन, सतत खेती एवं कटाई उपरांत प्रौद्योगिकियों में नवाचार” विषय पर आयोजित इस सेमिनार में श्रीलंका, इंडोनेशिया सहित विभिन्न देशों के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, किसान और उद्योग जगत के प्रतिनिधि प्रतिभाग कर रहे हैं।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष, राज्य औषधीय पादप बोर्ड प्रताप सिंह पंवार, उपाध्यक्ष, जडी-बूटी सलाहकार समिति सोना सजवाण, सचिव कृषि डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डे,अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव, निदेशक, संगध पौधा केन्द्र (कैप) डॉ. नृपेन्द्र चौहान, अध्यक्ष फफाई योगेश दूबे सहित विभिन्न देशों के रिसर्च एवं कृषकगण उपस्थित रहे।

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गंगा में डूबे गाजियाबाद के युवक का शव पांच दिन बाद बरामद https://news303.com/body-of-ghaziabad-youth-who-drowned-in-the-ganga-recovered-after-five-days/ Thu, 11 Jun 2026 07:22:17 +0000 https://news303.com/body-of-ghaziabad-youth-who-drowned-in-the-ganga-recovered-after-five-days/ शिवपुरी में मिला लापता आशीष जैन का शव

ऋषिकेश। कौड़ियाला क्षेत्र में गंगा नदी में डूबे गाजियाबाद निवासी युवक का शव घटना के पांच दिन बाद शिवपुरी क्षेत्र से बरामद कर लिया गया। एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस द्वारा लगातार चलाए गए संयुक्त सर्च ऑपरेशन के बाद शव मिला।

छह जून को कौड़ियाला स्थित रिवेरा रेस्ट्रो के समीप गंगा नदी में एक व्यक्ति के बहने की सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम तत्काल मौके पर पहुंची थी। घटना के बाद नदी के तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बचाव एवं खोज अभियान शुरू किया गया। डूबे व्यक्ति की पहचान 40 वर्षीय आशीष जैन निवासी इंदिरापुरम, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई थी।

युवक की तलाश में एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस ने पिछले कई दिनों तक नदी के विभिन्न संभावित क्षेत्रों में व्यापक सर्च अभियान चलाया। टीमों ने मोटरबोट, विशेष उपकरणों और आधुनिक खोज तकनीकों की मदद से लगातार अभियान जारी रखा।

संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान शिवपुरी क्षेत्र में एक शव दिखाई दिया, जिसे बाहर निकालकर पहचान कराई गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान आशीष जैन के रूप में की।

एसडीआरएफ निरीक्षक कविंद्र सजवान ने बताया कि गंगा नदी में लापता अन्य व्यक्तियों की तलाश के लिए भी अभियान लगातार जारी है। उन्होंने लोगों से नदी किनारे और राफ्टिंग क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है।

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अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा प्रहार, जीएमएस रोड और शिमला रोड के दो निर्माण सील https://news303.com/mdda-launches-major-crackdown-on-illegal-constructions-seals-two-buildings-on-gms-road-and-shimla-road/ Thu, 11 Jun 2026 05:31:02 +0000 https://news303.com/mdda-launches-major-crackdown-on-illegal-constructions-seals-two-buildings-on-gms-road-and-shimla-road/ सुनियोजित विकास से समझौता नहीं, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी

देहरादून। राजधानी देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ एमडीडीए का अभियान लगातार तेज हो रहा है। जीएमएस रोड और शिमला रोड पर दो निर्माणों को सील कर प्राधिकरण ने स्पष्ट संदेश दिया कि नियमों को दरकिनार कर किए जा रहे निर्माण अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। सुनियोजित विकास और सुरक्षित शहर के लक्ष्य को लेकर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने साफ कर दिया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित सभी वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

प्राधिकरण ने दो अलग-अलग क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन भवनों को सील कर दिया। जीएमएस रोड स्थित पिडकुल कार्यालय के निकट और वन विहार, शिमला रोड क्षेत्र में किए जा रहे निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप मच गया है, वहीं प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत किए जा रहे निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

जीएमएस रोड पर व्यवसायिक निर्माण पर चला प्राधिकरण का एक्शन

एमडीडीए की टीम ने जीएमएस रोड स्थित पिडकुल कार्यालय के निकट फरमान द्वारा कराए जा रहे व्यवसायिक निर्माण का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य प्राधिकरण से प्राप्त स्वीकृतियों और निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण स्थल को सील कर दिया और निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार संबंधित निर्माणकर्ता को पूर्व में भी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने और निर्माण को नियमों के अनुरूप कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद प्राधिकरण ने वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया।

वन विहार, शिमला रोड में भी गिरी कार्रवाई की गाज

एमडीडीए की दूसरी बड़ी कार्रवाई वन विहार, शिमला रोड क्षेत्र में की गई। यहां कामिल द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान निर्माण में कई प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं। अधिकारियों ने पाया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्वीकृत प्रक्रिया के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। इसके बाद प्राधिकरण ने मौके पर ही निर्माण स्थल को सील कर दिया और आगे के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी।

नियमित निरीक्षण अभियान से हो रही पहचान

एमडीडीए द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में तैनात टीमें निर्माण गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। जहां भी बिना स्वीकृति निर्माण अथवा मानकों के विपरीत कार्य किए जाने की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

भवन स्वामियों और निर्माणकर्ताओं को सख्त चेतावनी

एमडीडीए ने भवन स्वामियों, भू-स्वामियों और निर्माणकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले प्राधिकरण से आवश्यक अनुमतियां और स्वीकृतियां प्राप्त करना अनिवार्य है। बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत किए गए निर्माणों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित सभी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

संयुक्त सचिव के आदेश पर हुई कार्रवाई

दोनों निर्माणों के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों पर की गई। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता विजय रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा, प्राधिकरण के सुपरवाइजर तथा अन्य कार्मिक मौजूद रहे। टीम ने विधिवत सीलिंग की प्रक्रिया पूरी कर दोनों निर्माण स्थलों पर कार्य बंद करा दिया।

अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं : बंशीधर तिवारी

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। देहरादून के सुनियोजित और सुरक्षित विकास के लिए भवन निर्माण नियमों का पालन अनिवार्य है। बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत किए जा रहे निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

नियमों के विपरीत निर्माण पर तत्काल कार्रवाई : मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों की लगातार निगरानी की जा रही है। निरीक्षण के दौरान जहां भी नियमों के विपरीत निर्माण कार्य पाए जा रहे हैं, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से भवन निर्माण संबंधी सभी नियमों और स्वीकृतियों का पालन करने की अपील की।

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लोकगायक और UKD नेता पवन सेमवाल गिरफ्तार, स्कूटी जलाने के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई https://news303.com/folk-singer-and-ukd-leader-pawan/ Thu, 11 Jun 2026 01:03:43 +0000 https://news303.com/folk-singer-and-ukd-leader-pawan/ लोकगायक और UKD नेता पवन सेमवाल गिरफ्तार, स्कूटी जलाने के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

टिहरी गढ़वाल। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के चर्चित नेता एवं लोकगायक पवन सेमवाल को एक स्कूटी में आगजनी और अभद्र व्यवहार के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ एक अन्य आरोपी दीपक सिंह नेगी को भी हिरासत में लिया गया है।

जानकारी के अनुसार, नकोट बाजार निवासी वीरेन्द्र सिंह नेगी ने कोतवाली चम्बा में शिकायत दर्ज कराई थी कि 30 मई 2026 की रात उनकी स्कूटी संख्या UK14J-4945 को आग लगाकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। शिकायत में गाली-गलौच और अभद्र व्यवहार करने का आरोप भी लगाया गया था।

शिकायत के आधार पर कोतवाली चम्बा में मुकदमा अपराध संख्या 22/2026 दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।

एसएसपी श्वेता चौबे के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण में चम्बा पुलिस ने साक्ष्य जुटाए, पूछताछ की तथा तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की। विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 10 जून 2026 को नामजद आरोपी पवन सेमवाल और दीपक सिंह नेगी को चम्बा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश कर दिया है।

गिरफ्तार आरोपी

पवन सेमवाल पुत्र लाखीराम, निवासी गजा चाका पिछवाड़ा, पट्टी पौड़ीखाल, थाना हिंडोलाखाल, जनपद टिहरी गढ़वाल।

दीपक सिंह नेगी पुत्र सूरत सिंह, निवासी ग्राम नैल, पट्टी बमुण्ड, कोतवाली चम्बा, जनपद टिहरी गढ़वाल।

पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्ष सेवा,सुशासन और विकास को समर्पित : हेमंत द्विवेदी https://news303.com/12-years-dedicated-to-service-good/ Wed, 10 Jun 2026 21:55:11 +0000 https://news303.com/12-years-dedicated-to-service-good/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्ष सेवा,सुशासन और विकास को समर्पित : हेमंत द्विवेदी

 

ऋषिकेश/ देहरादून।श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के स्वर्णिम कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर श्री बदरीनाथ केदारनाथ सहित सभी अधीनस्थ मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गयी। भाजपा वरिष्ठ नेता तथा बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देश में उत्तराखंड में चल रहे “बारह साल बेमिसाल” कार्यक्रम के तहत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घायु जीवन की कामना हेतु आज बुधवार को श्री बदरीनाथ केदारनाथ धाम सहित सभी अधीनस्थ मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई।

 

वरिष्ठ भाजपा नेता/बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में श्री केदारनाथ धाम के पश्चात बदरीनाथ धाम को दिव्य एवं भब्य बनाया जा रहा है।कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा उत्तराखंड चार धाम का अभूतपूर्व विकास कर सांस्कृतिक विरासत को नयी पहचान दी है व्यापक यात्री सुविधाओं के विकास के फलस्वरूप लाखों श्रद्धालु चारधाम पहुंच रहे है।

उन्होंने बताया कि अभी तक श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ पहुंचनेवाले तीर्थयात्रियों की संख्या 22 लाख के निकट है श्री बदरीनाथ धाम में अभी तक 997276 तथा श्री केदारनाथ धाम में 1172902 श्रद्धालुओं ने दर्शन कर लिए है जो कि पिछले वर्ष की तुलना में कई अधिक है।

 

बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकारों का कार्यकाल सेवा, सुशासन, विकास और जनकल्याण को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व स्तर पर नयी पहचान बनायी है कुशल विदेश नीति, आतंकवाद पर नियंत्रण, डिजिटल इंडिया, राष्ट्रीय सुरक्षा नीति, सैनिक कल्याण,स्वच्छ भारत अभियान,कोविड वैक्सीन निर्माण, अंतरिक्ष क्रांति महिला उत्थान, महिला सुरक्षा, लखपति दीदी योजना,युवाओं को रोजगार, नये मेडिकल इंजीनियरिंग कालेज, एम्स, आईंआईटी, प्रधानमंत्री आवास योजना, सड़क योजना किसानों मजदूरों के जीवन में सुधार हुआ है।

 

कहा कि भाजपा शासन में देश ने कई ऐतिहासिक निर्णय देखे, जिनमें जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। इससे कश्मीर में विकास, निवेश और शांति का नया वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बन चुका है। कहा कि उत्तराखंड में भी सड़क, रेल और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। आधुनिक सड़कों और हाईवे नेटवर्क ने देश में यात्रा और संपर्क को सुगम बनाया है।

 

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड तेजी से प्रगति कर रहा है।हेमंत द्विवेदी ने कहा कि गरीब, किसान, महिला, युवा एवं वंचित वर्ग हेतु विकास योजनाओं को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धरातल तक पहुंचाने का कार्य किया। केंद्र सरकार के सहयोग से “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान ने महिलाओं और बेटियों को सम्मान एवं आत्मविश्वास प्रदान किया, वहीं उज्ज्वला योजना के माध्यम से करोड़ों माताओं-बहनों को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराकर उनके जीवन को सरल बनाया गया।

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मौसम अलर्ट: उत्तराखंड के 7 जिलों में 11 और 12 जून को ऑरेंज अलर्ट जारी https://news303.com/weather-alert-orange-alert-issued-for-7/ Wed, 10 Jun 2026 21:40:40 +0000 https://news303.com/weather-alert-orange-alert-issued-for-7/ मौसम अलर्ट: उत्तराखंड के 7 जिलों में 11 और 12 जून को ऑरेंज अलर्ट जारी

देहरादून। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) द्वारा जारी पत्र के अनुसार, मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों में आगामी 11 और 12 जून को खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर तथा चम्पावत जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि तथा 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अतिरिक्त राज्य के अन्य जनपदों में भी गर्जन, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की भी आशंका व्यक्त की गई है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। पत्र में पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग गतिविधियों पर मौसम सामान्य होने तक रोक लगाने, आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखने, सड़क मार्ग बाधित होने की स्थिति में तत्काल बहाली सुनिश्चित करने तथा सभी संबंधित विभागों को चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा स्कूलों, पर्यटन स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। नगर निकायों को नालियों और कलवर्टों की सफाई सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपदा की सूचना तत्काल राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, सुरक्षित स्थानों पर रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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राज्य और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में देरी नहीं होगी बर्दाश्त: डीएम डॉ. आशीष चौहान https://news303.com/delay-in-projects-of-state-and-national/ Wed, 10 Jun 2026 21:11:58 +0000 https://news303.com/delay-in-projects-of-state-and-national/ राज्य और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में देरी नहीं होगी बर्दाश्त: डीएम डॉ. आशीष चौहान

देहरादून:  जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित एवं विकास से संबंधित महत्वपूर्ण परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने वन भूमि हस्तांतरण और प्रतिपूरक वनीकरण (सीए) भूमि चयन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।

कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि विकास परियोजनाओं के सर्वेक्षण एवं क्रियान्वयन के दौरान वन संपदा को न्यूनतम क्षति पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। जिन परियोजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण आवश्यक है, उनके लिए समयबद्ध तरीके से सीए भूमि चिन्हित की जाए, ताकि परियोजनाओं के कार्य में अनावश्यक विलंब न हो।

 

बैठक में जानकारी दी गई कि आशारोड़ी-झाझरा-मसूरी हाईवे परियोजना के लिए लगभग 110 हेक्टेयर प्रतिपूरक वनीकरण भूमि की आवश्यकता है। इस पर जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों को परियोजना का विस्तृत प्लान प्रस्तुत करने तथा वन विभाग को विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाकर मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। वहीं लोक निर्माण विभाग की 14 परियोजनाओं के लिए आवश्यक 68 हेक्टेयर सीए भूमि चिन्हित करने के निर्देश भी संबंधित एसडीएम और वन अधिकारियों को दिए गए।

डीएम ने वन भूमि हस्तांतरण और सीए भूमि चयन से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान के लिए डीएफओ, उप जिलाधिकारियों तथा कार्यदायी संस्थाओं के अधिशासी अभियंताओं की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही तहसीलदारों की जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि राज्य और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि चयन में सक्रिय भूमिका निभाई जाए।

उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रस्तावित परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा कराने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और लंबित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।

बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन समृता परमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, एसडीएम रविन्द्र जुवांठा, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह, वन विभाग एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी मौजूद रहे, जबकि अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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सीएम घोषणाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, डीएम ने दिए कड़े निर्देश https://news303.com/negligence-in-the-implementation-of-cms/ Wed, 10 Jun 2026 18:32:56 +0000 https://news303.com/negligence-in-the-implementation-of-cms/ *सीएम घोषणाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, डीएम ने दिए कड़े निर्देश*

*565 में से 353 मुख्यमंत्री घोषणाएं पूर्ण, शेष कार्यों में तेजी लाने के निर्देश*

*लंबित घोषणाओं पर विभागों को नोटिस, समयसीमा तय कर होगी जवाबदेही*

*126 मुख्यमंत्री घोषणाओं पर कार्यवाही गतिमान, शीघ्र जनता को समर्पित करने पर जोर*

*जन आकांक्षाओं से जुड़ी हैं मुख्यमंत्री घोषणाएं, युद्धस्तर पर पूरा करें कार्य-डीएम*

*देहरादून:  जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक लेते हुए सभी विभागों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी मुख्यमंत्री घोषणाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता पर युद्धस्तर पर पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही, देरी अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की अद्यतन स्थिति को पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट किया जाए। शासन स्तर पर स्वीकृति अथवा अन्य कारणों से लंबित प्रस्तावों के संबंध में विभागीय वरिष्ठ अधिकारी स्वयं शासन के उच्चाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उनकी प्रगति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों की लगातार पैरवी कर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए।

 

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर कोई भी मुख्यमंत्री घोषणा तीन माह से अधिक समय तक लंबित नहीं रहनी चाहिए। जिन विभागों द्वारा अभी तक कार्यदायी संस्थाएं नामित नहीं की गई हैं, वे तत्काल कार्यदायी संस्था का चयन कर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करें। जिन योजनाओं के लिए भूमि की आवश्यकता है, उनमें संबंधित उप जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर शीघ्र भूमि चयन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की मॉनिटरिंग के लिए नियुक्त नोडल अर्थ एवं संख्या अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी अपूर्ण घोषणाओं के लिए विभागवार समयसीमा निर्धारित की जाए। निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण न करने वाले विभागों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है, उन्हें युद्धस्तर पर पूरा कर जल्द से जल्द जनता को समर्पित किया जाए, ताकि मुख्यमंत्री घोषणाओं का लाभ समयबद्ध रूप से आमजन तक पहुंच सके।

समीक्षा बैठक के दौरान सिंचाई विभाग में सर्वाधिक घोषणाएं लंबित पाए जाने तथा सक्षम अधिकारी की अनुपस्थिति एवं सहायक अभियंता स्तर पर समुचित जानकारी प्रस्तुत न किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने विभाग को नोटिस जारी करते हुए भविष्य में बैठकों में पूर्ण तैयारी और तथ्यात्मक जानकारी के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए।

सिंचाई, शहरी विकास, पेयजल, लोक निर्माण विभाग, विद्यालयी शिक्षा, पर्यटन, आवास तथा समाज कल्याण विभागों में अपेक्षाकृत अधिक घोषणाएं लंबित पाए जाने पर संबंधित विभागों को भी नोटिस जारी करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी के स्तर पर मुख्यमंत्री घोषणाओं की नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं क्षेत्र विशेष की जन आकांक्षाओं और विकास का आधार हैं। इनके क्रियान्वयन में किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि घोषणा पटल पर अपने विभाग से संबंधित घोषणाओं की अद्यतन जानकारी भी नियमित रूप से प्रदर्शित करें।

बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2021 से अब तक जनपद में मुख्यमंत्री द्वारा कुल 565 घोषणाएं की गई हैं। इनमें से 353 घोषणाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। 76 घोषणाएं अपूर्ण, 10 आंशिक रूप से पूर्ण तथा 126 घोषणाओं पर कार्यवाही गतिमान है। गतिमान घोषणाओं में सिंचाई विभाग की 40, शहरी विकास, आवास एवं लोक निर्माण विभाग की 10-10, संस्कृति विभाग की 9, विद्यालयी शिक्षा की 8, पर्यटन की 7, चिकित्सा की 5, खेल विभाग की 4 तथा ऊर्जा एवं पेयजल विभाग की 3-3 घोषणाएं शामिल हैं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.के. शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, लोक निर्माण विभाग, यूपीसीएल, पेयजल, सिंचाई, समाज कल्याण, बाल विकास आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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