अंतर्राष्ट्रीय – News 303 https://news303.com National News Portal Mon, 08 Jun 2026 07:40:45 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://news303.com/wp-content/uploads/2023/12/cropped-News-303-Logo-01-32x32.png अंतर्राष्ट्रीय – News 303 https://news303.com 32 32 दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत https://news303.com/7-8-magnitude-earthquake-in-southern-philippines-five-people-dead/ Mon, 08 Jun 2026 07:40:45 +0000 https://news303.com/7-8-magnitude-earthquake-in-southern-philippines-five-people-dead/ तटीय इलाकों को खाली करने के निर्देश

फिलीपींस। दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ क्षेत्र में सोमवार सुबह आए शक्तिशाली भूकंप ने पूरे प्रशांत क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। रिक्टर पैमाने पर 7.8 तीव्रता दर्ज किए गए इस भूकंप के बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया, जापान और अन्य तटीय देशों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि कई इलाकों में संपत्ति को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं।

भूकंप के तेज झटके स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 7:37 बजे महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक इसका केंद्र मिंडानाओ तट के पास जमीन के भीतर अपेक्षाकृत कम गहराई पर स्थित था, जिससे झटकों का प्रभाव व्यापक क्षेत्र में महसूस किया गया। कई लोगों ने घबराकर घरों और कार्यालयों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों का रुख किया।

तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता

भूकंप के तुरंत बाद प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र और स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने समुद्र तट के नजदीक रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि कुछ क्षेत्रों में एक मीटर से अधिक ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिससे तटीय बस्तियों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।

फिलीपींस की ज्वालामुखी एवं भूकंप विज्ञान एजेंसी (PHIVOLCS) ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति का इंतजार किए बिना ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि समुद्री लहरों की गतिविधि अगले कई घंटों तक जारी रह सकती है।

इंडोनेशिया में भी अलर्ट

भूकंप के असर को देखते हुए इंडोनेशिया ने भी अपने कई तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की है। मौसम एवं भूभौतिकी एजेंसी के अनुसार बोर्नियो, कालीमंतन और सुलावेसी के कुछ हिस्सों में तीन मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन को एहतियातन तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इमारतों को नुकसान, लोगों में भय

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फिलीपींस के जनरल सैंटोस शहर में एक इमारत का हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। इसके अलावा कई स्थानों पर भवनों में दरारें आने और कुछ मकानों के ढहने की खबरें भी मिली हैं। हालांकि नुकसान का पूरा आकलन अभी जारी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के बाद आने वाले आफ्टरशॉक्स का खतरा भी बना रहता है, इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। वहीं जापान, ताइवान, गुआम, पापुआ न्यू गिनी और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र के अन्य द्वीपीय देशों में भी छोटी सुनामी लहरों की संभावना को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है।

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अमेरिका में ‘ऑपरेशन चेकमेट’ के तहत 30 भारतीय ट्रक चालक गिरफ्तार https://news303.com/30-indian-truck-drivers-arrested-in-the-us-under-operation-checkmate/ Tue, 02 Jun 2026 10:37:15 +0000 https://news303.com/30-indian-truck-drivers-arrested-in-the-us-under-operation-checkmate/ न्यूयॉर्क। अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। अमेरिकी सीमा सुरक्षा एजेंसियों ने एक विशेष अभियान में कई अवैध प्रवासियों को हिरासत में लिया है, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अधिकांश लोग व्यावसायिक ट्रक चालक के रूप में काम कर रहे थे और अब उनके खिलाफ निर्वासन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा एजेंसी (CBP) ने जानकारी दी है कि मई महीने में एरिजोना के युमा सेक्टर में चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन चेकमेट’ के दौरान कुल 52 लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच में सामने आया कि इनमें से कई लोग अमेरिका में वैध आव्रजन स्थिति के बिना रह रहे थे और व्यावसायिक वाहनों का संचालन कर रहे थे।

अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों में 36 व्यक्ति ट्रक चालक थे, जिनमें 30 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा कुछ अन्य देशों के नागरिक भी इस कार्रवाई की जद में आए हैं। जांच के दौरान पाया गया कि कई लोगों के पास विभिन्न अमेरिकी राज्यों से जारी कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस थे, जबकि कुछ के पास वैध ड्राइविंग दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं थे।

एजेंसी का कहना है कि कई गिरफ्तार व्यक्तियों के रोजगार संबंधी दस्तावेजों की वैधता समाप्त हो चुकी थी, इसके बावजूद वे व्यावसायिक गतिविधियों में संलग्न थे। इसी आधार पर उनके खिलाफ संघीय कानूनों के तहत कार्रवाई की गई है।

सीबीपी के अनुसार ‘ऑपरेशन चेकमेट’ का उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान करना है जो आव्रजन नियमों का उल्लंघन करते हुए व्यावसायिक वाहन चला रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इससे सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था दोनों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

युमा सेक्टर के अधिकारियों ने कहा कि अभियान का मकसद सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और ऐसे चालकों को चिन्हित करना है जो वैध दस्तावेजों के बिना सड़कों पर भारी वाहन चला रहे हैं। वहीं, अमेरिकी प्रशासन पहले भी विदेशी नागरिकों को व्यावसायिक वाहन संचालन के लिए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर सख्त रुख अपना चुका है।

हाल के वर्षों में अमेरिका में भारी वाहनों से जुड़े कई सड़क हादसों के मामलों में विदेशी मूल के चालकों के नाम सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में यह कार्रवाई भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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ईरान ने कुवैत के पावर प्लांट को बनाया निशाना, हमले में भारतीय नागरिक की मौत https://news303.com/iran-targets-kuwaiti-power-plant-indian-citizen-killed-in-attack/ Mon, 30 Mar 2026 06:08:09 +0000 https://news303.com/?p=25206 कुवैत सिटी।  ध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां ईरान की ओर से हुए एक हमले में भारतीय नागरिक की जान चली गई। इस घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा हालात को लेकर चिंता बढ़ा दी है, वहीं कुवैत सरकार ने हालात को नियंत्रण में रखने के लिए तत्काल कदम उठाए हैं।

कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, एक महत्वपूर्ण पावर और पानी के डीसैलिनेशन प्लांट की सर्विस बिल्डिंग को निशाना बनाकर हमला किया गया। इस हमले में वहां कार्यरत एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि प्लांट के ढांचे को भी भारी क्षति पहुंची है।

घटना के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया और तकनीकी व इमरजेंसी टीमों को मौके पर तैनात किया गया। अधिकारियों का कहना है कि जरूरी सेवाओं को बहाल रखने और हालात सामान्य बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित नहीं होने दी जाएगी और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

सरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है, साथ ही भरोसा दिलाया है कि हर स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।

इस बीच, लेबनान में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। दक्षिणी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के एक ठिकाने पर प्रोजेक्टाइल गिरने से एक शांति सैनिक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे गंभीर घटना बताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील की है।

वहीं, इजराइल की सेना ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में कुछ सशस्त्र लड़ाकों को मार गिराया है, जो हमले की तैयारी में थे। सेना के मुताबिक, मौके से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं। इन घटनाओं के चलते पूरे क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।

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नेपाल की राजनीति में नया दौर, युवा नेता बालेंद्र शाह ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ https://news303.com/a-new-era-in-nepali-politics-young-leader-balendra-shah-takes-oath-as-prime-minister/ Fri, 27 Mar 2026 08:02:18 +0000 https://news303.com/?p=25164 राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने बालेंद्र शाह को आधिकारिक रूप से किया प्रधानमंत्री नियुक्त

काठमांडू। नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के नेता बालेंद्र शाह ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाल लिया है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने उन्हें आधिकारिक रूप से प्रधानमंत्री नियुक्त किया, जिसके बाद उन्होंने शपथ लेकर कार्यभार ग्रहण किया। इसके साथ ही शाह नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री बन गए हैं।

राष्ट्रपति कार्यालय में आयोजित एक औपचारिक समारोह में बालेंद्र शाह ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। यह समारोह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ, जिसमें शंखनाद के साथ शुभारंभ किया गया। हाल ही में हुए संसदीय चुनावों में उनकी पार्टी को बड़ी सफलता मिली थी, जिसके बाद उन्हें संसदीय दल का नेता चुना गया और प्रधानमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

नई सरकार के गठन को लेकर भी तैयारियां तेज हैं। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल में कई नए चेहरों को जगह दी जा सकती है, जिसमें सुदन गुरुंग को गृह मंत्री बनाए जाने की चर्चा है।

बालेंद्र शाह का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने काठमांडू के मेयर के रूप में अपनी पहचान बनाई और फिर राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखते हुए बड़ी जीत हासिल की। हालिया चुनाव में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भारी मतों से हराकर अपनी लोकप्रियता साबित की।

इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से आने वाले शाह को शहरी विकास और बुनियादी ढांचे की अच्छी समझ मानी जाती है। ऐसे में उनके नेतृत्व में नेपाल में विकास और प्रशासनिक सुधारों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत https://news303.com/38-people-killed-in-firing-as-violence-erupts-during-protests-in-skardu-gilgit-baltistan/ Sat, 07 Mar 2026 10:11:28 +0000 https://news303.com/?p=24785 स्कार्दू में हालात तनावपूर्ण, कई इलाकों में कर्फ्यू लागू

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगिट-बाल्टिस्तान क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। क्षेत्र के प्रमुख शहर स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क उठी, जिसमें पाकिस्तानी सेना और अर्द्धसैन्य बलों की गोलीबारी में कई लोगों की मौत की खबर है। घटनाओं के बाद आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कार्यालयों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया, जिसके चलते प्रशासन को कई इलाकों में कर्फ्यू लागू करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार पहली मार्च से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन उस समय उग्र हो गए जब प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सुरक्षा बलों द्वारा कार्रवाई की गई। शुरुआती रिपोर्ट में 13 लोगों की मौत की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में घायल लोगों के दम तोड़ने से मृतकों की संख्या बढ़कर 38 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं।

घटनाओं से नाराज प्रदर्शनकारियों ने स्कार्दू और आसपास के क्षेत्रों में कई सरकारी और सैन्य ठिकानों पर हमला कर दिया। इस दौरान कई भवनों में तोड़फोड़ की गई और कुछ जगहों पर आगजनी भी की गई। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की है।

इसी बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामनेई की कथित मौत को लेकर पाकिस्तान में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। अल्पसंख्यक शिया समुदाय के लोगों ने राजधानी इस्लामाबाद सहित कई शहरों में रैलियां निकालकर अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ नारेबाजी की।

स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया है। दूतावास ने बलोचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सलाह दी है।

स्कार्दू में हिंसा के दौरान कई महत्वपूर्ण भवनों को नुकसान पहुंचा है। इनमें सैन्य अधिकारियों के आवास, नॉर्दर्न लाइट इन्फैंट्री से जुड़े कार्यालय, आर्मी पब्लिक स्कूल, पुलिस अधिकारियों के कार्यालय, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क और पर्यटन विभाग के दफ्तर शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ स्थानों पर संचार से जुड़े संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कार्यालयों को भी आग के हवाले कर दिया गया।

फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और हालात को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।

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डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान—एलियंस और UFO से जुड़ी फाइलें होंगी सार्वजनिक https://news303.com/donald-trumps-big-announcement-alien-and-ufo-files-will-be-made-public/ Fri, 20 Feb 2026 10:04:53 +0000 https://news303.com/?p=24539 बराक ओबामा के बयान पर बवाल, ट्रंप ने उठाए सवाल

वाशिंगटन। एलियंस और UFO को लेकर लंबे समय से चल रही बहस एक बार फिर सुर्खियों में है। डोनाल्ड ट्रंप ने अब बड़ा कदम उठाते हुए एलियंस और अनआइडेंटिफाइड एरियल फेनोमेना (UAP) से जुड़ी सरकारी फाइलों को सार्वजनिक करने की बात कही है। इस घोषणा के बाद दुनियाभर में जिज्ञासा और चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि लोग लंबे समय से इन रहस्यमयी घटनाओं के सच को जानना चाहते हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर किए गए अपने पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि वह पेंटागन और अन्य एजेंसियों को निर्देश देंगे कि वे UFO और एलियन से जुड़ी फाइलों की पहचान कर उन्हें सार्वजनिक करने की प्रक्रिया शुरू करें। उन्होंने इसे “लोगों की दिलचस्पी से जुड़ा अहम मुद्दा” बताते हुए पारदर्शिता की जरूरत पर जोर दिया।

इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर आरोप लगाया कि उन्होंने एलियंस के विषय में सार्वजनिक टिप्पणी कर संवेदनशील जानकारी को उजागर किया। हालांकि, ट्रंप ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि ओबामा की बात खुफिया जानकारी पर आधारित थी, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला हो सकता है।

दरअसल, एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान ओबामा से एलियंस के अस्तित्व को लेकर सवाल किया गया था। इस पर उन्होंने कहा था कि ब्रह्मांड की विशालता को देखते हुए अन्य ग्रहों पर जीवन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन उन्होंने खुद कभी एलियंस को नहीं देखा। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल में एलियंस के पृथ्वी से संपर्क का कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया।

ट्रंप की इस घोषणा और ओबामा के बयानों के बाद UFO और एलियन से जुड़े रहस्य एक बार फिर वैश्विक चर्चा का विषय बन गए हैं। अब नजर इस बात पर है कि क्या वाकई इन फाइलों के सार्वजनिक होने से दशकों पुराने रहस्यों से पर्दा उठ पाएगा या यह मुद्दा सिर्फ अटकलों तक ही सीमित रहेगा।

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संघर्ष विराम के बाद भी गाजा में हिंसा जारी, इजरायली गोलीबारी में 24 की मौत https://news303.com/violence-continues-in-gaza-even-after-the-ceasefire-24-killed-in-israeli-shelling/ Thu, 05 Feb 2026 08:03:35 +0000 https://news303.com/?p=24187 इजरायल ने सैनिकों पर हमले का हवाला देकर की कार्रवाई

गाजा। गाजा पट्टी में घोषित संघर्ष विराम के बाद भी हालात सामान्य होते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा घटनाओं में इजरायली कार्रवाई के दौरान कम से कम 24 फलस्तीनी नागरिकों की मौत की खबर सामने आई है। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। अस्पताल सूत्रों ने मौतों की पुष्टि की है। वहीं इस्राइल का कहना है कि यह कार्रवाई उसके सैनिकों पर हुई गोलीबारी के जवाब में की गई।

इजरायली सेना ने क्या वजह बताई?

इजरायली सेना के मुताबिक, गाजा में तैनात उसके सैनिकों पर उग्रवादियों ने फायरिंग की थी, जिसमें एक रिजर्व सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया। सेना का कहना है कि इसके बाद हवाई और जमीनी बलों के जरिए जवाबी कार्रवाई की गई। इस्राइल ने इसे संघर्ष विराम का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि सैनिकों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई करना जरूरी था।

महिलाओं और बच्चों की मौत से बढ़ी चिंता

स्थानीय अस्पताल अधिकारियों के अनुसार, मारे गए लोगों में सात महिलाएं और पांच बच्चे शामिल हैं। मृतकों में एक पांच महीने का बच्चा और मात्र दस दिन की नवजात बच्ची भी शामिल बताई गई है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि संघर्ष विराम लागू होने के बाद से अब तक 530 से अधिक फलस्तीनी इस्राइली हमलों में अपनी जान गंवा चुके हैं, जिससे हालात की गंभीरता साफ झलकती है।

अस्पताल प्रशासन ने जताई नाराजगी

गाजा सिटी के शिफा अस्पताल के निदेशक ने कहा कि संघर्ष विराम के बावजूद आम नागरिकों के लिए हालात युद्ध जैसे ही बने हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर संघर्ष विराम लागू है, तो फिर जमीन पर हिंसा क्यों जारी है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि लगातार हो रहे हमलों से आम लोगों में भय का माहौल है और जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पा रहा।

गाजा के अलग-अलग इलाकों में हुए हमले

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी गाजा के तुफ्फाह इलाके में एक इमारत पर की गई फायरिंग में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल थे। दक्षिणी शहर खान यूनिस में एक परिवार के टेंट को निशाना बनाया गया, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई, जिनमें एक 12 वर्षीय बच्चा भी था। वहीं गाजा सिटी के ज़ैतून इलाके में टैंक शेलिंग से पति-पत्नी समेत तीन लोगों की मौत हो गई।

अब तक का कुल आंकड़ा क्या कहता है?

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 71,800 से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। मंत्रालय आम नागरिकों और लड़ाकों के आंकड़े अलग-अलग जारी नहीं करता, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इन आंकड़ों को विश्वसनीय मानती हैं। बढ़ती मौतों की संख्या ने संघर्ष विराम की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार के मामले में 10 साल की जेल की सजा https://news303.com/former-bangladeshi-prime-minister-sheikh-hasina-has-been-sentenced-to-10-years-in-prison-in-a-corruption-case/ Mon, 02 Feb 2026 10:53:07 +0000 https://news303.com/?p=24121 भ्रष्टाचार निरोधक आयोग की जांच के बाद आया कोर्ट का फैसला

ढाका। बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराते हुए अदालत ने कुल 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला ढाका की स्पेशल जज कोर्ट-चार ने सुनाया, जिसमें अदालत ने दोनों मामलों में पांच-पांच साल की सजा तय की है।

आवासीय परियोजना में जमीन आवंटन को लेकर मामला

अदालती कार्यवाही के अनुसार, ये मामले राजधानी ढाका के नजदीक पूर्बाचोल क्षेत्र में विकसित की जा रही राजुक न्यू टाउन आवासीय योजना से जुड़े हैं। आरोप है कि इस परियोजना के तहत 10-10 काठा के दो प्लॉट नियमों को ताक पर रखकर आवंटित किए गए। अभियोजन पक्ष का कहना है कि आरोपियों ने अपने पद और प्रभाव का गलत इस्तेमाल करते हुए जमीन आवंटन प्रक्रिया में अनियमितताएं कीं। यह परियोजना राजधानी विकास प्राधिकरण राजुक के अधीन आती है।

परिवार और अधिकारियों पर भी गिरी गाज

इन मामलों में शेख हसीना के साथ उनके परिवार के कई सदस्यों को भी दोषी ठहराया गया है। अदालत ने तुलिप सिद्दीकी को चार साल की जेल, रदवान मुजीब सिद्दीकी और अजमीना सिद्दीकी को सात-सात साल की सजा सुनाई है। वहीं, राजुक के सदस्य मोहम्मद खुर्शीद आलम को, जिन्होंने अदालत में आत्मसमर्पण किया था, दो साल की कैद दी गई है। सभी दोषियों पर एक-एक लाख टका का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

भारत में रह रही हैं शेख हसीना

बताया जा रहा है कि शेख हसीना फिलहाल भारत में निवास कर रही हैं। अगस्त 2025 में बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद उन्होंने देश छोड़ दिया था। इससे पहले अदालत उन्हें भगोड़ा घोषित कर चुकी है।

भ्रष्टाचार निरोधक आयोग की जांच के बाद दर्ज हुए केस

इन दोनों मामलों को बांग्लादेश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) ने दर्ज किया था। आयोग का आरोप है कि आवासीय योजना में जमीन आवंटन के दौरान सरकारी नियमों का उल्लंघन किया गया और सत्ता का दुरुपयोग हुआ।

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नववर्ष के जश्न के दौरान खेरसॉन में ड्रोन हमला, 24 लोगों की मौत, कई घायल https://news303.com/a-drone-attack-in-kherson-during-new-years-celebrations-killed-24-people-and-injured-several-others/ Fri, 02 Jan 2026 10:24:10 +0000 https://news303.com/?p=23561 रूस ने यूक्रेन पर लगाया नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप

मॉस्को। नए साल के पहले दिन रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष और अधिक तीव्र हो गया। रूस ने आरोप लगाया है कि गुरुवार को यूक्रेन की ओर से किए गए ड्रोन हमले में कम से कम 24 लोगों की जान चली गई, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। यह हमला दक्षिणी खेरसॉन प्रांत में नववर्ष समारोह के दौरान हुआ बताया जा रहा है।

रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, यूक्रेन ने रूस के नियंत्रण वाले खेरसॉन क्षेत्र में एक होटल और कैफे को निशाना बनाया, जहां लोग नए साल का जश्न मना रहे थे। मंत्रालय ने कहा कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक हमले में 50 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं।

खेरसॉन के गवर्नर ने लगाया जानबूझकर हमले का आरोप
रूस द्वारा नियुक्त खेरसॉन के क्षेत्रीय गवर्नर व्लादिमीर साल्डो ने दावा किया कि तटीय गांव खोरली में नववर्ष समारोह स्थल पर तीन ड्रोन से हमला किया गया। उन्होंने इसे नागरिकों के खिलाफ किया गया सुनियोजित आतंकवादी हमला करार दिया। साल्डो के अनुसार, हमले के बाद आग लगने से कई लोग झुलस गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

रूसी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ड्रोन ने उन स्थानों को जानबूझकर निशाना बनाया, जहां नागरिक एकत्र थे। मंत्रालय ने इस हमले को युद्ध अपराध बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।

रूस ने पश्चिमी देशों पर भी साधा निशाना
हमले के बाद रूसी अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर चारों ओर आग की लपटें और धुएं के गुबार दिखाई दिए। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि इस हमले के लिए यूक्रेन को समर्थन देने वाले पश्चिमी देशों की भी जिम्मेदारी बनती है। रूस की संसद के दोनों सदनों के अध्यक्षों समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने कीव की कड़ी आलोचना की है।

यूक्रेन ने नागरिकों को निशाना बनाने से किया इनकार
दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस के आरोपों को खारिज किया है। यूक्रेन के एक सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि उसकी सेना केवल सैन्य ठिकानों, ईंधन, ऊर्जा सुविधाओं और अन्य वैध लक्ष्यों पर ही कार्रवाई करती है और नागरिकों को निशाना नहीं बनाती।

गौरतलब है कि खेरसॉन उन चार यूक्रेनी क्षेत्रों में शामिल है, जिन पर रूस ने वर्ष 2022 में अपने नियंत्रण का दावा किया था। इस ताजा घटना ने दोनों देशों के बीच जारी युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता और बढ़ा दी है।

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इंडोनेशिया के एक वृद्धाश्रम में लगी भीषण आग, 16 बुजुर्गों की दर्दनाक मौत https://news303.com/a-massive-fire-broke-out-in-a-nursing-home-in-indonesia-resulting-in-the-tragic-death-of-16-elderly-people/ Mon, 29 Dec 2025 11:34:07 +0000 https://news303.com/?p=23500 दो घंटे की मशक्कत के बाद काबू में आई आग, इलाके में शोक का माहौल

मनाडो (इंडोनेशिया)। इंडोनेशिया के उत्तरी सुलावासी प्रांत में एक वृद्धाश्रम में आग लगने से 16 बुजुर्गों की जान चली गई। यह हादसा मनाडो शहर के एक रिहायशी इलाके में उस समय हुआ, जब वृद्धाश्रम में रह रहे अधिकांश लोग सो रहे थे। अचानक लगी आग ने कुछ ही देर में पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस के मुताबिक, एक मंजिला इमारत में संचालित इस रिटायरमेंट होम में कई बुजुर्ग रह रहे थे। आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। हादसे में 15 लोगों की मौत झुलसने से हुई, जबकि एक व्यक्ति की दम घुटने के कारण जान चली गई। वहीं 15 अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दमकल की छह गाड़ियां, दो घंटे में काबू
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान आसपास के स्थानीय लोगों ने भी राहत और बचाव कार्य में मदद की। घायलों और मृतकों की पहचान के लिए परिजनों को अस्पताल बुलाया गया है।

शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह बिजली की फिटिंग में खराबी मानी जा रही है। हालांकि पुलिस और फायर विभाग ने कहा है कि घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है और प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।

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