News 303 https://news303.com National News Portal Fri, 06 Mar 2026 08:31:05 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://news303.com/wp-content/uploads/2023/12/cropped-News-303-Logo-01-32x32.png News 303 https://news303.com 32 32 देवभूमि के विकास की गूंज अब राष्ट्रीय मंच पर https://news303.com/the-echo-of-the-development-of-devbhoomi-is-now-on-the-national-stage/ Fri, 06 Mar 2026 08:31:05 +0000 https://news303.com/?p=24757 धामी के सुशासन मॉडल को देखने हरिद्वार आ रहे अमित शाह

धर्मनगरी में दिखेगा आस्था, विकास और राजनीति का संगम

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार एक बार फिर एक ऐसे क्षण की साक्षी बनने जा रही है, जहाँ आस्था, विकास और राजनीति—तीनों का संगम दिखाई देगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 7 मार्च को हरिद्वार पहुंचेंगे और राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित “जन-जन की सरकार, बेमिसाल 4 साल” कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह आयोजन केवल औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं माना जा रहा, बल्कि उत्तराखंड में उभरते सुशासन, विकास की नई गति और प्रशासनिक कार्यसंस्कृति की झलक दिखाने वाला मंच भी बन रहा है।

हरिद्वार के बैरागी कैंप में आयोजित इस कार्यक्रम में अमित शाह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बीते चार वर्षों में प्रदेश में हुए विकास कार्यों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इस प्रदर्शनी में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, सड़कों और संपर्क मार्गों के विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं के विकास, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश को प्रोत्साहन, पर्यटन संवर्धन तथा धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।

साथ ही सीमांत क्षेत्रों के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उठाए गए कदमों को भी विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। विभिन्न विभागों द्वारा तैयार मॉडल, चित्र और जानकारीपूर्ण पैनलों के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास होगा कि किस तरह उत्तराखंड ने विकास और सुशासन के रास्ते पर नई रफ्तार पकड़ी है।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) से भी जुड़ा रहेगा। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह पांच लोगों को भारत की नागरिकता के प्रमाण पत्र सौंपेंगे। प्रमाण पत्र मिलने के बाद ये सभी व्यक्ति औपचारिक रूप से भारत के नागरिक बन जाएंगे। जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव के अनुसार इन पांचों व्यक्तियों के नाम पहले ही राज्य सरकार को भेजे जा चुके हैं। इसे सीएए के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।

इसी क्रम में 7 से 9 मार्च तक बैरागी कैंप में “न्याय संहिता” विषय पर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा। इसके माध्यम से नए आपराधिक कानून—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम—के बारे में आमजन को जानकारी दी जाएगी, ताकि न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और प्रभावी बनाया जा सके। भाजपा का दावा है कि इस कार्यक्रम में लगभग डेढ़ लाख लोगों की भागीदारी की संभावना है, जो इसे एक बड़े जनसमागम का रूप दे सकती है।

यह आयोजन केवल चार वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव नहीं है, बल्कि उत्तराखंड में उभरते नेतृत्व और विकास की दिशा का संदेश भी है। धर्मनगरी हरिद्वार से उठने वाली यह गूंज केवल आस्था की नहीं, बल्कि उस विश्वास की भी प्रतीक होगी कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास, सुशासन और जनसेवा की नई पहचान गढ़ रहा है।

देवभूमि की पावन धरती से उठने वाला यह संदेश एक बार फिर यही कहता प्रतीत होगा—उत्तराखंड अब केवल आस्था की भूमि नहीं, बल्कि संकल्प, विकास और सशक्त नेतृत्व की नई कहानी भी लिख रहा है।

]]>
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, दो व्यावसायिक निर्माण सील https://news303.com/mdda-takes-strict-action-against-illegal-constructions-seals-two-commercial-buildings/ Fri, 06 Mar 2026 05:34:53 +0000 https://news303.com/?p=24752 नियम विरूद्व निर्माण कार्यों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी – बंशीधर तिवारी

देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए दो स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने निर्धारित मानकों और स्वीकृत मानचित्रों का उल्लंघन कर किए जा रहे व्यवसायिक निर्माणों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया।

प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार मै0 के0एस0 फर्नीचर हाउस, श्रीराम टावर्स, बंजारावाला रोड, निकट वृंदा गार्डन, देहरादून में बिना स्वीकृति के किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण को चिन्हित किया गया था। संबंधित निर्माण प्राधिकरण के मानकों के विपरीत पाए जाने पर एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर उक्त परिसर को सील कर दिया।

इसी क्रम में गिरीश चन्द चौधरी द्वारा बैंक कॉलोनी, मोथरोवाला रोड, देहरादून में किए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण पर भी प्राधिकरण ने कार्रवाई की। जांच के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य बिना स्वीकृत मानचित्र के किया जा रहा था, जिसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई करते हुए निर्माण को बंद करा दिया गया।

एमडीडीए द्वारा लगातार ऐसे निर्माणों की निगरानी की जा रही है जो प्राधिकरण के नियमानुसार स्वीकृत नहीं हैं। प्राधिकरण की टीम क्षेत्र में नियमित निरीक्षण कर रही है ताकि अनियमित और अवैध निर्माणों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके और शहर के सुव्यवस्थित विकास को सुनिश्चित किया जा सके। इस कार्रवाई के दौरान संयुक्त सचिव गौरव वटवाल के आदेशों के क्रम में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम मौके पर मौजूद रही। टीम में सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता नेहा बर्थवाल और जयदीप राणा सहित सुपरवाइजर तथा पुलिस बल भी मौजूद रहा, जिनकी उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया को नियमानुसार संपन्न कराया गया।

एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति के किसी भी प्रकार का निर्माण या भूमि उपयोग परिवर्तन नियमों के विरुद्ध है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से स्वीकृत मानचित्र प्राप्त करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों का नियोजित और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है और जहां भी बिना स्वीकृति के निर्माण या नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि भवन निर्माण से पहले प्राधिकरण से स्वीकृत मानचित्र अवश्य प्राप्त करें और निर्धारित मानकों का पालन करें, अन्यथा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रवर्तन टीम नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण कर रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से नियमों का पालन करने की अपील की गई है।

]]>
बुजुर्गों ही नहीं, युवाओं और बच्चों में भी बढ़ रही सुनने की समस्या, जानिए इसके कारण https://news303.com/hearing-problems-are-increasing-not-only-in-the-elderly-but-also-in-the-youth-and-children-know-the-reasons-behind-it/ Thu, 05 Mar 2026 10:00:40 +0000 https://news303.com/?p=24749 आमतौर पर यह माना जाता है कि सुनने की क्षमता उम्र बढ़ने के साथ कम होती है, लेकिन अब यह समस्या केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है। हाल के वर्षों में युवाओं और बच्चों में भी कम सुनाई देने और बहरेपन के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार तेज आवाज में लंबे समय तक संगीत सुनना, कानों में संक्रमण, चोट, अधिक वैक्स जमा होना और कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव भी सुनने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। समय रहते ध्यान न देने पर यह समस्या स्थायी बहरेपन में भी बदल सकती है।

बहरेपन के पीछे क्या हैं कारण

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि सुनने की क्षमता कम होने के कई कारण हो सकते हैं। उम्र बढ़ने के साथ कान के अंदर मौजूद संवेदनशील हिस्सों में धीरे-धीरे क्षति होने लगती है और रक्त संचार भी कम हो जाता है, जिससे सुनने में दिक्कत आती है। इसके अलावा तेज आवाज, जैसे डीजे या धमाके जैसी ध्वनियां कान के भीतर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं। कान में संक्रमण, खसरा जैसी बीमारियां और कुछ मामलों में आनुवंशिक कारण भी सुनने की समस्या के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

समय पर इलाज न होने पर बढ़ सकती है परेशानी

स्वास्थ्य संगठनों की रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोग सुनने की क्षमता में कमी से जूझ रहे हैं। यदि कान की सामान्य समस्या का समय पर इलाज न कराया जाए तो यह स्थायी बहरेपन का कारण बन सकती है। कम सुनाई देने का असर केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। लंबे समय तक इस समस्या से जूझ रहे लोगों में अकेलापन और अवसाद जैसी समस्याएं भी देखी गई हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार 85 डेसिबल से अधिक तेज आवाज में रहने से कान के अंदरूनी हिस्से को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां भी सुनने की क्षमता कम होने के जोखिम को बढ़ाती हैं।

क्या बहरेपन का इलाज संभव है?

डॉक्टरों का कहना है कि हर प्रकार का बहरापन स्थायी नहीं होता। यदि सुनने की समस्या कान में मैल जमा होने या संक्रमण की वजह से है तो सही इलाज और दवाओं से सुनने की क्षमता वापस आ सकती है। हालांकि यदि कान के अंदर की संवेदनशील कोशिकाएं स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, तो इसे पूरी तरह ठीक करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे मामलों में हियरिंग एड जैसे उपकरण मरीजों की मदद करते हैं।

नवजात शिशुओं में यदि सुनने की समस्या का समय रहते पता चल जाए तो कुछ मामलों में उपचार के जरिए स्थिति में सुधार संभव होता है।

जीन थेरेपी से नई उम्मीद

हाल के वर्षों में वैज्ञानिक शोधों ने बहरेपन के इलाज की दिशा में नई उम्मीदें भी जगाई हैं। वर्ष 2025 में स्वीडन के कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अध्ययन में जीन थेरेपी के जरिए जन्मजात बहरेपन के इलाज की संभावना सामने आई। अध्ययन में शामिल कुछ मरीजों में एक विशेष इंजेक्शन के बाद सुनने की क्षमता में सुधार देखा गया। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस तकनीक को व्यापक रूप से अपनाने से पहले अभी और बड़े स्तर पर परीक्षण की जरूरत है।

नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार की गई है।

(साभार)

]]>
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने शासकीय आवास पर किया पौधरोपण https://news303.com/agriculture-minister-ganesh-joshi-planted-a-tree-at-his-official-residence/ Thu, 05 Mar 2026 07:13:01 +0000 https://news303.com/?p=24746 शिवराज सिंह चौहान के कुशल नेतृत्व में देश के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं- गणेश जोशी

देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के जन्मदिवस के अवसर पर उनके ‘प्रतिदिन एक पौधरोपण’ के संकल्प के क्रम में अपने शासकीय आवास पर पौधरोपण किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को जन्मदिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान के कुशल नेतृत्व में देश के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनसेवा के प्रति शिवराज सिंह चौहान का समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण जैसे प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति के संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए।

इस अवसर पर सरकार में दायित्वधारी जगत सिंह चौहान, भाजपा नेता रामशरण नौटियाल, लक्ष्मण सिंह रावत, युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष ठाकुर धीरेन्द्र सिंह, दीपक भट्ट आदि उपस्थित रहे।

]]>
माइकल जैक्सन की बायोपिक ‘माइकल’ का ट्रेलर रिलीज, दिखेगा पॉप किंग का पूरा सफर https://news303.com/the-trailer-of-michael-jacksons-biopic-michael-is-out-showcasing-the-entire-journey-of-the-king-of-pop/ Thu, 05 Mar 2026 06:41:02 +0000 https://news303.com/?p=24743 पॉप संगीत की दुनिया के बेताज बादशाह माइकल जैक्सन के जीवन पर आधारित बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘माइकल’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। ट्रेलर में उनके संघर्ष, सफलता और निजी जिंदगी के कई अहम पहलुओं को दिखाया गया है। दमदार डांस मूव्स और भावनात्मक दृश्यों से भरपूर यह फिल्म दर्शकों को माइकल जैक्सन के जीवन की अनकही कहानी से रूबरू कराएगी।

करीब 2 मिनट 27 सेकंड के ट्रेलर में माइकल जैक्सन के बचपन से लेकर सुपरस्टार बनने तक का सफर दिखाया गया है। ट्रेलर की शुरुआत उनके शुरुआती दिनों से होती है, जब उनके परिवार और करीबी लोग उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते नजर आते हैं। जैसे-जैसे वह सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचते हैं, दुनिया भर में उनके प्रशंसकों की दीवानगी भी दिखाई गई है।

ट्रेलर में कई भावनात्मक पल भी शामिल हैं, जिनमें माइकल का अपने परिवार के साथ गहरा रिश्ता दिखता है। इसके साथ ही उनके मशहूर डांस स्टेप्स और स्टेज परफॉर्मेंस की झलक भी दर्शकों को देखने को मिलती है। ट्रेलर में उनकी सेहत से जुड़े कठिन दौर को भी दिखाया गया है। इसमें माइकल का एक संवाद खासा प्रभावशाली है—“संगीत दुनिया को बदलने की ताकत रखता है।”

फिल्म ‘माइकल’ की घोषणा फरवरी 2022 में की गई थी, जबकि इसकी शूटिंग 2024 में शुरू हुई। नवंबर 2025 में इसका टीजर जारी किया गया था। अब यह फिल्म 24 अप्रैल 2026 को अमेरिका के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

फिल्म में माइकल जैक्सन की भूमिका उनके भतीजे जाफर जैक्सन निभा रहे हैं, जो इस फिल्म के जरिए अभिनय की दुनिया में कदम रख रहे हैं। इसके अलावा फिल्म में निया लॉन्ग, लौरा हैरियर, जूलियानो क्रू वाल्दी, माइल्स टेलर और कोलमैन डोमिंगो भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन एंटोनी फुक्वा ने किया है।

(साभार)

]]>
मार्च की शुरुआत में ही गर्मी ने दिखाए तेवर, प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा तापमान https://news303.com/heat-wave-hits-the-state-in-early-march-temperatures-rise-rapidly/ Thu, 05 Mar 2026 06:27:54 +0000 https://news303.com/?p=24740 मौसम विभाग का अनुमान, प्रदेश में तापमान छह से सात डिग्री तक बढ़ने के आसार

देहरादून। उत्तराखंड में मार्च की शुरुआत के साथ ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जिससे मैदान से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक गर्मी का असर और बढ़ सकता है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक छह मार्च तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ और शुष्क बना रहेगा। इसके चलते तापमान में सामान्य से छह से सात डिग्री तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। हालांकि सात मार्च के आसपास पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है और हल्की बारिश या बादल छाने की स्थिति बन सकती है।

इन दिनों दिनभर तेज धूप निकलने के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। देहरादून समेत कई मैदानी इलाकों में मार्च की शुरुआत ही गर्म दिन के साथ हुई है। हाल के दिनों में देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया, जो लगभग 29.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पिछले कई वर्षों के आंकड़ों के अनुसार मार्च के शुरुआती दिनों में इतना अधिक तापमान कम ही देखने को मिला है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार तापमान में बढ़ोतरी के पीछे जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदलते पैटर्न को प्रमुख कारण माना जा रहा है। इसके अलावा जनवरी और फरवरी में सामान्य से कम बारिश होने की वजह से भी तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि मौसम का यही रुख बना रहा तो इस वर्ष मार्च का महीना पिछले वर्षों की तुलना में अधिक गर्म रह सकता है और तापमान के नए रिकॉर्ड भी बन सकते हैं। प्रदेश में बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को दोपहर के समय धूप से बचाव करने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जा रही है।

]]>
चमोली के जंगलों में भीषण आग का कहर, कई हेक्टेयर क्षेत्र हुआ जलकर खाक https://news303.com/a-massive-fire-wreaks-havoc-in-the-forests-of-chamoli-burning-several-hectares-of-area-to-ashes/ Thu, 05 Mar 2026 05:50:54 +0000 https://news303.com/?p=24737 जंगल की आग से वन्यजीवों और पर्यावरण पर मंडराया संकट

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के बद्रीनाथ वन प्रभाग में जंगलों में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया है। मध्य पिंडर रेंज के कई वन क्षेत्र इसकी चपेट में आ गए हैं, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया है। वन विभाग और अग्निशमन दल की टीमें आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां राहत कार्य में बड़ी चुनौती बन रही हैं।

बताया जा रहा है कि मध्य पिंडर रेंज के अंतर्गत चेपड़ों और सौगांव गांवों के पास जंगलों में लगी आग तेजी से फैलते हुए खाड़ीबगड़, सौगांव जूनिधार और गोठिंडा क्षेत्र के वनों तक पहुंच गई है। आग इतनी भीषण है कि इसकी लपटें काफी ऊंचाई तक उठती दिखाई दे रही हैं। अब तक करीब 20 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र जलकर खाक हो चुका है।

आग का असर स्थानीय ग्रामीणों पर भी पड़ने लगा है। चेपड़ों गांव के पास स्थित कुछ गौशालाएं भी आग की चपेट में आ गई हैं, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। वहीं आग की लपटें जूनिधार गांव की ओर बढ़ने से आबादी वाले इलाकों के लिए खतरा पैदा हो गया है।

वन विभाग के अनुसार घने चीड़ के जंगल और खड़ी चट्टानों वाला इलाका होने के कारण आग बुझाने में काफी दिक्कत आ रही है। रात के समय अंधेरा, गिरते पत्थर और जलते हुए पेड़ों के कारण राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। वन क्षेत्राधिकारी मनोज देवराड़ी ने बताया कि विभाग की टीमें पूरी रात आग पर काबू पाने की कोशिश करती रहीं, लेकिन आग अभी पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाई है।

आग का असर आसपास के यातायात पर भी पड़ रहा है। जलते हुए पेड़ और पत्थर थराली-देवाल स्टेट हाईवे पर गिरने से इस मार्ग पर आवाजाही करने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही जंगल में रहने वाले वन्यजीवों और वनस्पतियों को भी भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग की टीमें हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

]]>
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित हुआ भव्य होली मिलन समारोह, लोकसंस्कृति के रंगों से सजा माहौल https://news303.com/a-grand-holi-gathering-was-organised-at-the-chief-ministers-residence-the-atmosphere-was-decorated-with-the-colours-of-folk-culture/ Mon, 02 Mar 2026 11:54:49 +0000 https://news303.com/?p=24733 सीएम धामी बोले—होली भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक

देहरादून। मुख्यमंत्री आवास में पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति की छटा के साथ रंग, संगीत और लोकपरंपराओं का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला उत्सव है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विविधता हमारी शक्ति है और ऐसे आयोजन हमारी पारंपरिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने का माध्यम बनते हैं। समारोह में मंत्रीगण, विधायकगण, प्रशासनिक अधिकारी तथा समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े गणमान्य उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री से भेंट कर होली की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

कार्यक्रम के दौरान गढ़वाल और कुमाऊँ की पारंपरिक होली के साथ-साथ जौनसार-बावर और तराई क्षेत्र की लोकधुनों ने वातावरण को रंगमय बना दिया। लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रदेश की विविध लोक परंपराओं की झलक दिखाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की लोकसंस्कृति, लोकभाषाओं और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत ही उत्तराखण्ड की पहचान है और इसे सहेजना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। समारोह में सभी ने पारंपरिक ढंग से एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।

होली मिलन कार्यक्रम में जुटे गढ़वाल-कुमाऊं से लेकर जौनसार तक के कलाकार

मुख्यमंत्री आवास में सोमवार को होली के रंगों की बहार नजर आई। प्रदेश भर से आए लोक कलाकारों और होल्यारों ने अपनी अपनी धुनों से माहौल को उत्सवमय कर दिया। इस दौरान एक तरफ, हारूल नृत्य करते जौनसारी कलाकार थे तो दूसरी तरफ, अपनी ही धुन में मगन होली गीत गाते कुमांउनी होल्यारों की टीम। इन सबके बीच पौड़ी जिले के राठ क्षेत्र से आई सांस्कृतिक टोली ने भी अपना रंग जमाया। इस दौरान आम और खास ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को रंग लगाकर शुभकामनाएं प्रेषित की।

मुख्यमंत्री आवास का प्रांगण सोमवार को होली के रंगों में सराबोर नजर आया। इस दौरान प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और एकता के भी दर्शन हुए। पूर्वाह्न से ही प्रदेश भर के लोक कलाकारों, संस्कृति कर्मियों की टोलियां होली गायन करते हुए, सीएम आवास पहुंचती रही। एक तरफ गढ़वाल-कुमाऊं से लेकर जौनसार तक का होली गायन था, नृत्य था। इस दौरान होली के गीत गूंजे। पारंपरिक गायन हुआ। ढोल, मंजीरे बजे। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की संगत ने होली गीतों के प्रभाव को और बढ़ा दिया। आओ दगड़ियो, नाचा गावा, आ गई रंगीली होली का आह्वान आदि। कुमाऊं से आए कलाकारों ने किया, तो राठ क्षेत्र के कलाकारों ने गाया-आई डान्ड्यू बसंत, डाली मा मौल्यार।

इस दौरान जो भी यहां पहुंचा लोक के रंगों में खो गया। लोक संस्कृति का वह प्रभाव भी था, जो उत्तराखंड को सांस्कृतिक तौर पर विशिष्टता प्रदान करता है। लोक कलाकार इस बात से बेहद खुश दिखे कि उन्हें विशेष तौर पर बुलाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी लोक कलाकारों के संग होली के रंगों में पूरी तरह से रंगे नजर आए। मुख्यमंत्री खुद लोक कलाकारों के साथ थिरकने को मजबूर हो गए।

लोक संस्कृति पर सीएम कर रहे अच्छा काम

उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों से आए लोक कलाकारों ने कहा कि लोक संस्कृति पर सीएम अच्छा काम कर रहे हैं। राज्य सरकार लोक संस्कृति को बढ़ावा देते हुए, लोक कलाकारों को संरक्षण प्रदान कर रही है।

]]>
कॉन्टैक्ट लेंस लगाकर होली खेलना पड़ सकता है भारी, जान लीजिये इसके नुकसान https://news303.com/playing-holi-with-contact-lenses-can-be-costly-know-the-disadvantages/ Mon, 02 Mar 2026 10:14:48 +0000 https://news303.com/?p=24730 होली के रंगों के साथ मस्ती करना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन इस उत्साह में अक्सर लोग अपनी आंखों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। खासतौर पर कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोगों के लिए यह लापरवाही गंभीर समस्या बन सकती है, क्योंकि केमिकल युक्त रंग आंखों को गहरा नुकसान पहुंचा सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि कॉन्टैक्ट लेंस लगाकर होली खेलना सुरक्षित नहीं माना जाता। बाजार में मिलने वाले कई रंगों में हानिकारक रसायन, भारी धातुएं और बारीक कण मौजूद होते हैं। जब ये रंग लेंस के संपर्क में आते हैं, तो लेंस उन्हें सोख लेते हैं और ये रसायन लंबे समय तक आंखों के संपर्क में बने रहते हैं, जिससे कॉर्निया को नुकसान पहुंच सकता है।

डॉक्टरों के मुताबिक होली खेलते समय लेंस की बजाय चश्मा पहनना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है। चश्मा आंखों को बाहरी कणों और रंगों से बचाने में मदद करता है। अगर कोई व्यक्ति लेंस पहनकर रंगों के संपर्क में आता है, तो आंखों में जलन, संक्रमण और गंभीर स्थिति में कॉर्नियल अल्सर जैसी समस्या भी हो सकती है।

दरअसल, कॉन्टैक्ट लेंस की सतह छिद्रयुक्त होती है, जो रंगों में मौजूद केमिकल को अपने अंदर समाहित कर लेती है। इससे आंखों में जलन, लालिमा और केमिकल बर्न का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, लेंस की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है, जिससे देखने में धुंधलापन आ सकता है।

यदि रंग लेंस और आंख के बीच फंस जाए, तो यह कॉर्निया पर रगड़ पैदा करता है, जिससे उसकी ऊपरी परत को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा, इस स्थिति में बैक्टीरिया पनपने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे संक्रमण और पस बनने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

अगर गलती से आंख में रंग चला जाए, तो तुरंत लेंस को निकालकर आंखों को साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। कम से कम 10 से 15 मिनट तक आंखों को धोना जरूरी है और इस दौरान आंखों को रगड़ने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे स्थिति और खराब हो सकती है।

यदि आंखों में लालिमा, जलन, पानी आना या धुंधलापन महसूस हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। घरेलू उपायों से बचना बेहतर होता है, क्योंकि गलत तरीके स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार आंखों की चोट के बाद शुरुआती कुछ घंटे इलाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।

(यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई है, किसी भी समस्या की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।)

(साभार)

]]>
मालदेवता दुर्घटना में मृत युवक के परिजनों से मिले कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी https://news303.com/cabinet-minister-ganesh-joshi-met-the-family-members-of-the-youth-who-died-in-the-maldevta-accident/ Mon, 02 Mar 2026 08:07:54 +0000 https://news303.com/?p=24727 हर संभव सहायता का दिया भरोसा

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मालदेवता क्षेत्र पहुंचे, जहां बीती देर रात्रि रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत शेरकी गांव में डंपर की चपेट में आने से 17 वर्षीय युवक की दर्दनाक मृत्यु हो गई थी।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने दिवंगत युवक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

कैबिनेट मंत्री जोशी ने जिलाधिकारी टिहरी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून से दूरभाष के माध्यम से वार्ता कर ऐसी घटना होने के कारण पर अंकुश लगाने और भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो। इस बाबत कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और सरकार की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

]]>