Headline
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
देवभूमि के विकास की गूंज अब राष्ट्रीय मंच पर
देवभूमि के विकास की गूंज अब राष्ट्रीय मंच पर

इमरान खान को 10 साल की सजा, गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक करने का जुर्म साबित

इमरान खान को 10 साल की सजा, गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक करने का जुर्म साबित

इस्लामाबाद।  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी नेता शाह महमूद कुरैशी को 10 साल जेल की सजा सुनाई गई है। ये सजा सायफर केस में सुनाई गई है। दरअसल इमरान खान को जनसभा के दौरान गोपनीय कूटनीतिक दस्तावेज सार्वजनिक करने का दोषी पाया गया। इमरान खान के प्रधानमंत्री पद पर रहने के दौरान यह घटना घटी थी। जिस दस्तावेज को सार्वजनिक किया गया, उसे अमेरिका स्थित पाकिस्तानी दूतावास द्वारा भेजा गया था।

इमरान खान के पास से वह दस्तावेज कथित तौर पर बरामद नहीं हुआ है। हालांकि अभी भी इमरान खान इस सजा को उच्च अदालतों में चुनौती दे सकते हैं लेकिन सेना के साथ चल रहे तनाव की वजह से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद बहुत कम है। सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि इमरान खान के वकील पेश नहीं हो रहे हैं और उन्हें सरकारी वकील दिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top