Headline
उप निरीक्षक से निरीक्षक बने कुन्दन राम, SSP ने पिपिंग सेरेमनी में किया सम्मानित
उप निरीक्षक से निरीक्षक बने कुन्दन राम, SSP ने पिपिंग सेरेमनी में किया सम्मानित
कोटद्वार में बढ़ते जलस्तर के बीच नदी में फंसे 12 वर्षीय बालक को SDRF ने रोप रेस्क्यू से बचाया
कोटद्वार में बढ़ते जलस्तर के बीच नदी में फंसे 12 वर्षीय बालक को SDRF ने रोप रेस्क्यू से बचाया
देहरादून के भविष्य को आकार देने उमड़ रही जनता, महायोजना-2041 पर दूसरे चरण की सुनवाई में बढ़ी भागीदारी
देहरादून के भविष्य को आकार देने उमड़ रही जनता, महायोजना-2041 पर दूसरे चरण की सुनवाई में बढ़ी भागीदारी
चमोली में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर तैयारी तेज, 63,347 नोटिसों का होगा वितरण
चमोली में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर तैयारी तेज, 63,347 नोटिसों का होगा वितरण
श्री दरबार साहिब में गुरु पूर्णिमा पर गुरु महिमा का दिव्य संदेश
श्री दरबार साहिब में गुरु पूर्णिमा पर गुरु महिमा का दिव्य संदेश
राज्यसभा में डॉ. नरेश बंसल का सवाल, रेलवे ने दी कवच 4.0 की प्रगति रिपोर्ट
राज्यसभा में डॉ. नरेश बंसल का सवाल, रेलवे ने दी कवच 4.0 की प्रगति रिपोर्ट
कांवड़ यात्रा 2026: ढालवाला में अवैध अतिक्रमण पर प्रशासन का एक्शन, सड़क किनारे हटाए गए कब्जे
कांवड़ यात्रा 2026: ढालवाला में अवैध अतिक्रमण पर प्रशासन का एक्शन, सड़क किनारे हटाए गए कब्जे
लोकसभा में हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 पारित
लोकसभा में हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 पारित
जमरानी बांध परियोजना में लापरवाही पर मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पांडे सख्त, धीमी प्रगति और मलबा निस्तारण पर जताई नाराजगी
जमरानी बांध परियोजना में लापरवाही पर मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पांडे सख्त, धीमी प्रगति और मलबा निस्तारण पर जताई नाराजगी

क्या दांतों का रूट कैनाल ट्रीटमेंट बन सकता है हार्ट अटैक की वजह, जानें इस बात में है कितनी सच्चाई

क्या दांतों का रूट कैनाल ट्रीटमेंट बन सकता है हार्ट अटैक की वजह, जानें इस बात में है कितनी सच्चाई

ये बात वाकई अजीब लगती है जब कोई कहता है कि दांत की सर्जरी के बाद दिल का दौरा पड़ सकता है. वाकई सोचने वाली बात है कि दांत का दिल से क्या कनेक्शन? अगर आप भी से कंफ्यूजन में है कि यह सच है या सिर्फ एक मिनट तो चलिए आपको बताते हैं इस खबर में आखिर इस बात में कितनी सच्चाई है।

बहुत से लोग रूट कैनाल थेरेपी को एक रेगुलर डेंटल सर्जरी के तौर पर करवाते हैं ताकि दांतों को डैमेज या इन्फेक्टेड होने से बचाया जा सके. एक सुरक्षित माने जाने के बावजूद रूट कैनाल थेरेपी को लेकर यह डाउट जरूर होता है कि इसका संबंध दिल के दौरे से पढ़ सकता है।

रूट कैनाल क्या है?

रूट कैनाल एक डेंटल ऑपरेशन है जिसका उपयोग दांत के कोर से रोगग्रस्त टिशू को निकालने के लिए किया जाता है. आगे के नुकसान को रोकने के लिए, डेंटिस्ट खाली जगह को भरकर बैक्टीरिया और सडऩ को हटाते हैं. कोई दांत जिसे निकालने की जरूरत हो सकती है, उसे इस तकनीक से बचाया जा सकता है. वैसे तो रूट कैनाल ट्रीटमेंट एक सामान्य प्रक्रिया है इसमें किसी भी तरह के समस्याओं की संभावना बहुत कम होती है. क्योंकि लोकल एनेस्थीसिया देकर इसे किया जाता है।

हार्ट अटैक से इसका क्या संबंध?
ऐसे कहा जाता है कि रूट कैनाल ट्रीटमेंट दिल के दौरे या दूसरी हार्ट की समस्याओं से जुड़ा हो सकता है. यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से सच है जिनका हार्ट डिसीज  की कोई हिस्ट्री नहीं है. दरअसल ये डर इस बात से निकाल कर आया है कि रूट कैनाल प्रक्रिया के दौरान लोक बैक्टीरिया ब्लड स्ट्रीम में इंटर कर सकते हैं जिससे हार्ट सहित शरीर के बाकी अंगों में सूजन या इंफेक्शन हो सकता है।
एंडोडोंटिक थेरेपी और इंसिडेंट कार्डियोवैस्कुलर डिजीज: द एथेरोस्क्लेरोसिस रिस्क इन कम्युनिटीज स्टडी के अध्ययन के अनुसार, इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं हैं कि रूट कैनाल ट्रीटमेंट सीधे दिल के दौरे का कारण बनते हैं।

ओरल हेल्थ हार्ट डिसीज से कैसे जुड़ा है?
हालाँकि रूट कैनाल के इस्तेमाल से सीधे हार्ट अटैक  होने का पता नहीं चला है, लेकिन हार्ट डिसीज और डेंटल हेल्थ के बीच एक स्ट्रांग कनेक्शन है. बैड डेंटल हाइजीन  मसूड़ों की बीमारी जैसी बीमारियों का कारण बन सकती है, जो बैक्टीरिया को ब्लड फ्लो में प्रवेश करने की अनुमति देकर हृदय संबंधी समस्याओं के जोखिम को बढ़ाती है. मसूड़ों की बीमारी वाले लोगों में हार्ट डिसीज अधिक आम हैं, लेकिन यह जोखिम सीधे रूट कैनाल थेरेपी से जुड़ा नहीं है बल्कि, यह ओवरऑल डेंटल हेल्थ से संबंधित है।

क्या रूट कैनाल ट्रीटमेंट से डरने की जरूरत है ?
अगर आप अच्छी ओरल हाइजीन मेंटेन करके रखते हैं और आपके हाथ से जुड़ी कोई समस्या नहीं है तो रूट कैनाल ट्रीटमेंट करवाने के बारे में चिंता करने की कोई वजह नहीं है. यह एक नॉर्मल ट्रीटमेंट है, तो आपके हार्ट को कोई बड़ा जोखिम दिए बिना डेंटल हेल्थ को बनाए रखने में मदद करती है. पहले से हार्ट डिजीज वाले मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत जरूर हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top