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राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नागरिक प्रशासन व सशस्त्र बलों के बीच समन्वय जरूरी -राज्यपाल

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नागरिक प्रशासन व सशस्त्र बलों के बीच समन्वय जरूरी -राज्यपाल

मसूरी में संयुक्त नागरिक-सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

मसूरी। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करने व भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए नागरिक प्रशासन व सशस्त्र बलों का समन्वय जरूरी है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) शनिवार को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में 30वें संयुक्त नागरिक-सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि अपनी बात रख रहे थे। उन्होंने कहा कि हमें हर स्तर पर संयुक्तता और समन्वय को बढ़ावा देना चाहिए, एकजुटता व एकता हमारे सबसे बड़े संसाधन हैं। राज्यपाल ने कहा कि इसके लिए हमें समन्वय और सहयोग के विभिन्न आयामों के साथ नागरिक-सैन्य सहयोग के सुसंगठित संस्थागत ढ़ाचे को सुदृढ़ बनाना होगा।

राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे बेहद महत्वपूर्ण विषय के लिए सशस्त्र बलों की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक देशवासी का कर्तव्य है कि हम इसके लिए प्रतिबद्ध रहें। राज्यपाल ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक के अंदर राष्ट्र प्रथम की भावना होना जरूरी है और देश का प्रत्येक नागरिक अपने आप में एक सैनिक है। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों से कहा कि राष्ट्रहित और जनहित में किए जाने वाले कठोर निर्णय लेते हुए हमें हिचकिचाना नहीं चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि सुरक्षा के हमें तकनीकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह समय सोच, विचार और धारणा को बदलने का समय है। हमनें अब राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाया है, आज भारत सभी चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

राज्यपाल ने कहा कि यदि देश का हर एक नागरिक आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के प्रति जागरूक होकर अपने कर्तव्यों का पालन करें तो राष्ट्र का भविष्य स्वर्णिम होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा प्रबंधन के लिए सिविल सेवा और सशस्त्र बलों के साथ चिंतन, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम हमारी एकता और संयुक्तता की भावना को राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ एक सर्वव्यापी तत्व के रूप में जोड़ते हैं।

राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि प्रशासन अकादमी में संयुक्त नागरिक-सैन्य प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम नागरिक-सैन्य एकीकरण की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में समन्वय और सहयोगी की समझ विकसित करने में सिविल सेवकों तथा सशस्त्र बलों के अधिकारियों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा। कार्यक्रम में राज्यपाल ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्रियाकलापों में सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया। 30वें संयुक्त नागरिक-सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर की 26 विभिन्न सेवाओं और संस्थाओं के 57 वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया है जिनमें 7 महिला अधिकारी भी शामिल रहीं।

इस कार्यक्रम में अकादमी के निदेशक श्रीराम तरुणकांति, संयुक्त निदेशक सौजन्या, कोर्स समन्वयक डॉ. अनुपम तलवार सहित विभिन्न सेवाओं के प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

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