Headline
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से भूतपूर्व सैनिक के एक प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से भूतपूर्व सैनिक के एक प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में चमकेगा उत्तराखंड : रेखा आर्या
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में चमकेगा उत्तराखंड : रेखा आर्या
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं
एनडीएमए सदस्य डाॅ. असवाल ने आपदा की तैयारियों को परखा
एनडीएमए सदस्य डाॅ. असवाल ने आपदा की तैयारियों को परखा

भाजपा में गए नेताओं पर पूर्व सीएम का पलटवार बोले- हमारी सरकार भंग न होती तो गैरसैंण के यक्ष प्रश्नों का हो गया होता समाधान 

भाजपा में गए नेताओं पर पूर्व सीएम का पलटवार बोले- हमारी सरकार भंग न होती तो गैरसैंण के यक्ष प्रश्नों का हो गया होता समाधान 

देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सीएम हरीश रावत ने गैरसैंण के मुद्दे को लेकर फिर से कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में गए नेताओं पर पलटवार किया। कहा कि 2016 में हमारी सरकार भंग न होती तो गैरसैंण के यक्ष प्रश्नों का आज समाधान गया होता। गैरसैंण पर मेरी तथ्यात्मक बातों से भाजपा में गए उज्याडू़ बल्द और प्रवक्ता बौखलाहट में बयान दे रहे हैं।

हरीश रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, सत्यता यह है कि जिस तेजी और दिशा की तरफ 2016 में हमारी सरकार चल रही थी। उसके केंद्र में गैरसैंण था। हमने जो बजट पारित कराया था, यदि सरकार भंग नहीं होती और विधानसभा में पारित बजट प्रस्तावों को चार महीने उलझा नहीं दिया गया होता तो गैरसैंण के यक्ष प्रश्न का भी आज समाधान होता। साथ ही नौ जिले भी अस्तित्व में आ गए होते।

भाजपा न केवल गैरसैंण के पापियों को अपनाए हुए है। भाजपा ने अब विधानसभा का भी एक संस्था के रूप में अवमूल्यन कर दिया है। विधानसभा में पारित नगर निकाय को विधेयक को प्रवर समिति को भेजना इसका उदाहरण है। निकाय चुनाव में हार से घबराई भाजपा उच्च न्यायालय की अवमानना करने का भी रास्ता निकल रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top