मेरठ में 3.63 करोड़ रुपये के बैंक ऋण घोटाले में भगोड़ी महिला गिरफ्तार, 2017 से थी फरार

मेरठ। पंजाब एंड सिंध बैंक से जुड़े 3.63 करोड़ रुपये के कथित ऋण घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रही महिला आरोपित कविता को सीबीआई ने हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। वह वर्ष 2017 से अदालत में पेश नहीं हो रही थी। गिरफ्तारी के बाद उसे गाजियाबाद की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहां से 21 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया।

सीबीआई के अनुसार, इस मामले में 30 मार्च 2012 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि 10 अगस्त 2010 से 24 मई 2011 के बीच मेरठ में दीवान पब्लिक स्कूल स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक की शाखा के तत्कालीन प्रबंधक ने अन्य लोगों के साथ मिलकर कथित तौर पर फर्जी पहचान और आय प्रमाणपत्रों के आधार पर 24 आवास ऋण मंजूर किए। इसके अलावा संपत्ति के बदले दो ओवरड्राफ्ट ऋण भी स्वीकृत किए गए। इन सभी ऋणों की कुल रकम लगभग 3.63 करोड़ रुपये बताई गई है।

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 26 नवंबर 2014 को 59 आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। कविता का नाम भी इसमें शामिल था, लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हुई। उसे हाजिर कराने के लिए कई बार समन भेजे गए। इसके बावजूद अदालत में उपस्थित नहीं होने पर उसके खिलाफ जमानती और गैर-जमानती वारंट जारी किए गए।

लगातार अनुपस्थित रहने के कारण अदालत ने 14 अप्रैल 2017 को कविता को भगोड़ा घोषित कर दिया था। इसके बाद 11 मई 2017 को उसके खिलाफ स्थायी गैर-जमानती वारंट जारी किया गया और उसका मामला अन्य आरोपितों से अलग कर दिया गया।

सीबीआई ने लंबे समय तक तलाश जारी रखी। आखिरकार तकनीकी सुरागों की मदद से महिला का पता हरिद्वार में लगाया गया और 9 अक्टूबर 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अब अदालत के आदेश के अनुसार वह न्यायिक हिरासत में रहेगी। मामले में ऋण स्वीकृति के दौरान कथित अनियमितताओं की जांच पहले ही पूरी की जा चुकी है और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।

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