Headline
मुख्यमंत्री धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
दर्दनाक सड़क हादसा- गहरी खाई में गिरा वाहन, चालक की मौत
दर्दनाक सड़क हादसा- गहरी खाई में गिरा वाहन, चालक की मौत
इकॉनोमी और ईकोलॉजी में समन्वय के साथ मानव जीवन स्तर को बेहतर बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य- मुख्यमंत्री
इकॉनोमी और ईकोलॉजी में समन्वय के साथ मानव जीवन स्तर को बेहतर बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य- मुख्यमंत्री
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से भूतपूर्व सैनिक के एक प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से भूतपूर्व सैनिक के एक प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत

जोशीमठ भू धंसाव- हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दो सप्ताह का दिया समय

जोशीमठ भू धंसाव- हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दो सप्ताह का दिया समय

उत्तराखण्ड सरकार एनडीएमए की रिपोर्ट पर अपना अंतिम निर्णय ले- हाईकोर्ट

विष्णुगाड तपोवन जल विद्युत् परियोजना में गतिविधियां पुनः शुरू करने पर लेना है फैसला

नैनीताल। जोशीमठ भू धंसाव के सम्बन्ध में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड सरकार को दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है । सुनवाई में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कहा कि वह राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की रिपोर्ट पर अपना अंतिम निर्णय लेकर उच्च न्यायालय की खंडपीठ को अवगत कराये।

गौरतलब है कि चिपको आंदोलन एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन से जुड़े रहे केंद्रीय अध्यक्ष पी० सी० तिवारी ने यह जनहित याचिका इस आशय से दाखिल की थी कि फरवरी 2021 को भी एक बार ग्लेशियर फटा था। उसके कुछ महीनों बाद, जब जोशीमठ में भीषण भू-धंसाव होने लगा।

इस जनहित याचिका में यह आवेदन किया गया कि नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन (एन०टी०पी०सी०) ‌द्वारा जोशीमठ में चलाये जा रहे विष्णुगाड तपोवन जल विद्युत् परियोजना को रोका जाये। एडीएम जोशीमठ ने 05 जनवरी 2023 को सभी निर्माण गतिविधियों पर रोक लगायी थी।

इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने 12 जनवरी 2023 को सभी निर्माण गतिविधियों पर रोक लगायी थी जो आतिथि तक गतिमान हैं। क्योंकि पिछली बार, राज्य सरकार ने केवल कुछ घंटों के नोटिस पर याचिकाकर्ता को इस विषय पर बैठक के लिये आमंत्रित किया था।

इस बार न्यायालय द्वारा पुनः राज्य सरकार को आदेशित किया गया है कि वह याचिकाकर्ता और एन० टी० पी० सी० दोनों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर दे और उसके बाद एन० डी० एम० ए० के उस रिपोर्ट पर एक निर्णय ले जिसमें यह तय किया जाना है कि विष्णुगाड तपोवन जल विद्युत् परियोजना को अपनी गतिविधियों के लिये मंजूरी दी जाये या नहीं।

यह भी बता दें कि एन टीपीसी लगातार इस परियोजना को पुनः प्रारम्भ करने की बात कर रहा है और वहां पर ब्लास्टिंग गतिविधियों के लिये भी अनुमति चाह रहा है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश ऋतु बाहरी और जस्टिस आलोक वर्मा की खंडपीठ द्वारा की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top