Headline
देहरादून में पहली बार ब्लूबेरी खेती की शुरुआत, 10 किसानों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू
देहरादून में पहली बार ब्लूबेरी खेती की शुरुआत, 10 किसानों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू
12 साल – मोदी युग में सड़क, रेल, हवाई सेवाओं का हुआ विस्तार
12 साल – मोदी युग में सड़क, रेल, हवाई सेवाओं का हुआ विस्तार
मुख्यमंत्री धामी ने ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का किया अनावरण
मुख्यमंत्री धामी ने ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का किया अनावरण
मुख्यमंत्री धामी ने चयनित 221 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री धामी ने चयनित 221 अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र
कैबिनेट मंत्री महाराज की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही
कैबिनेट मंत्री महाराज की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही
देहरादून के दून विहार में नई स्कॉर्पियो में लगी भीषण आग, टला बड़ा हादसा
देहरादून के दून विहार में नई स्कॉर्पियो में लगी भीषण आग, टला बड़ा हादसा
फीफा विश्व कप 2026 का काउंटडाउन शुरू, 11 जून से होगा आगाज
फीफा विश्व कप 2026 का काउंटडाउन शुरू, 11 जून से होगा आगाज
फायरिंग केस में खान सर को बड़ी राहत, पटना सिविल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक
फायरिंग केस में खान सर को बड़ी राहत, पटना सिविल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक
दहेज की मांग को लेकर विवाहिता के साथ जघन्य अपराध पर महिला आयोग सख्त
दहेज की मांग को लेकर विवाहिता के साथ जघन्य अपराध पर महिला आयोग सख्त

महाराज ने प्रदेशवासियों को दी लोकपर्व ‘हरेला’ की शुभकामनाएं

महाराज ने प्रदेशवासियों को दी लोकपर्व ‘हरेला’ की शुभकामनाएं

देहरादून। प्रदेश के संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने समस्त प्रदेशवासियों को लोकपर्व ‘हरेला’ की शुभकामनाएं दी हैं। प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धर्मस्व, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में मनाया जाने वाला लोकपर्व ‘हरेला’ सावन के आने का संदेश है। इस पर्व के पीछे फसल लहलहाने की कामना है, खुशहाली का आशीष है, बुजुर्गों का आर्शीवाद है। उन्होंने कहा कि हरेला पर राज्य सरकार ने प्रदेशभर में वृहद स्तर पर पौधारोपण करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व पर होने वाले पौधारोपण अभियान को एक व्यापक जनांदोलन के रूप में लिया जाए।

संस्कृति मंत्री महाराज ने कहा हरेला चैत्र माह में फसल के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है। जबकि श्रावण माह में इसे हरियाली और समृद्धि के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है और अश्विन माह में इसे सर्दियों के आगमन के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। हरेला के दिन लोग एक छोटे बर्तन या टोकरी में पांच से सात प्रकार के अनाज के बीज बोते हैं और नौ दिनों तक उनकी पूजा करते हैं। दसवें दिन, वे अंकुरित अनाज काटते हैं और उन्हें सौभाग्य और समृद्धि के प्रतीक के रूप में पहनते हैं।

उन्होंने कहा कि लोग इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा भी करते हैं। यह किसानों के लिए एक शुभ दिन माना जाता है, क्योंकि यह वह दिन है जब वे अपने खेतों में बुवाई का चक्र शुरू करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top