Headline
ऋषिकेश उप जिला चिकित्सालय के स्वास्थ्य शिविर में तीसरे दिन 795 मरीजों ने उठाया लाभ
ऋषिकेश उप जिला चिकित्सालय के स्वास्थ्य शिविर में तीसरे दिन 795 मरीजों ने उठाया लाभ
अवैध निर्माण पर एमडीडीए का एक्शन तेज, देहरादून और ऋषिकेश में दो निर्माण सील
अवैध निर्माण पर एमडीडीए का एक्शन तेज, देहरादून और ऋषिकेश में दो निर्माण सील
कांवड़ मेला-2026: एडीजी कानून व्यवस्था ने पुलिस बल को किया ब्रीफ, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु यातायात पर जोर
कांवड़ मेला-2026: एडीजी कानून व्यवस्था ने पुलिस बल को किया ब्रीफ, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु यातायात पर जोर
महिला सशक्तिकरण से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना- रेखा आर्या
महिला सशक्तिकरण से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना- रेखा आर्या
जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिलाधिकारी ने सुनीं 164 शिकायतें
जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिलाधिकारी ने सुनीं 164 शिकायतें
पटेलनगर क्षेत्र में हुई वाहन चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
पटेलनगर क्षेत्र में हुई वाहन चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
मसूरी की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश, मंत्री गणेश जोशी ने की समीक्षा बैठक
मसूरी की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश, मंत्री गणेश जोशी ने की समीक्षा बैठक
गोलू देव और हरज्यू देव की लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान- रेखा आर्या
गोलू देव और हरज्यू देव की लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान- रेखा आर्या
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अमर शहीद राइफलमैन मनोज राणा की 13वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अमर शहीद राइफलमैन मनोज राणा की 13वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

घर से निकाले बुजुर्गों को मिली राहत, डीएम कोर्ट ने रद्द की गिफ्ट डीड

घर से निकाले बुजुर्गों को मिली राहत, डीएम कोर्ट ने रद्द की गिफ्ट डीड

3080 वर्ग फीट सम्पति पुनः बुजुर्ग दम्पति के नाम

देहरादून— एक संवेदनशील मामले में बुजुर्ग दंपति को उनकी संपत्ति वापस दिलाते हुए देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने न्याय का सशक्त उदाहरण पेश किया है। अपने बेटे द्वारा गिफ्ट डीड के तहत मिली संपत्ति पर कब्जा कर उन्हें घर से निकालने के मामले में डीएम ने न सिर्फ गिफ्ट डीड को रद्द किया बल्कि संपत्ति को पुनः बुजुर्ग दंपति के नाम दर्ज करने का आदेश भी पारित कर दिया।

दरअसल, बुजुर्ग परमजीत सिंह ने अपनी 3080 वर्गफुट की संपत्ति — जिसमें दो बड़े हॉल शामिल हैं — गिफ्ट डीड के माध्यम से अपने बेटे गुरविंदर सिंह के नाम कर दी थी। डीड में स्पष्ट शर्तें थीं कि बेटा अपने माता-पिता का भरण-पोषण करेगा, उनके साथ रहेगा, और बच्चों को दादा-दादी से मिलने से नहीं रोकेगा। परंतु, संपत्ति अपने नाम होते ही बेटे ने इन शर्तों का उल्लंघन करते हुए माता-पिता को न सिर्फ घर से निकाल दिया, बल्कि पोते-पोतियों को भी उनसे मिलने से रोक दिया।

इस अमानवीय व्यवहार से आहत बुजुर्ग दंपति ने जब तहसील, थाना और अवर न्यायालय में न्याय न मिलने पर डीएम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, तो उन्हें पहली ही सुनवाई में राहत मिल गई। डीएम बंसल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विपक्षी पक्ष को नोटिस जारी किए और सार्वजनिक सूचना भी प्रसारित की। बावजूद इसके, न तो गुरविंदर सिंह ने आपत्ति जताई और न ही न्यायालय में प्रस्तुत हुए।

पर्याप्त अवसर और वैध स्पष्टीकरण के बावजूद अनुपस्थिति को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने गिफ्ट डीड को रद्द कर संपत्ति पुनः बुजुर्ग दंपति के नाम दर्ज करने का आदेश पारित किया। आदेश सुनते ही न्यायालय में मौजूद बुजुर्ग दंपति की आंखों से आंसू छलक पड़े।

भरण-पोषण अधिनियम की विशेष शक्तियों का उपयोग करते हुए डीएम ने यह फैसला सुनाया और सामाजिक कर्तव्य से विमुख व्यवहार पर सख्त संदेश दिया कि माता-पिता के साथ अन्याय किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस निर्णय से न केवल परमजीत सिंह और अमरजीत कौर को इंसाफ मिला, बल्कि समाज को भी एक मजबूत संदेश गया कि बुजुर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन तत्पर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top