Headline
मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
UKSSSC परीक्षा को लेकर दून पुलिस अलर्ट
UKSSSC परीक्षा को लेकर दून पुलिस अलर्ट
सुनियाकोट-ओलिया मोटर मार्ग का शुभारंभ
सुनियाकोट-ओलिया मोटर मार्ग का शुभारंभ
मानसून से पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण रखें, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखें- प्रभारी मंत्री मदन कौशिक
मानसून से पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण रखें, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखें- प्रभारी मंत्री मदन कौशिक
तुंगनाथ धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, पुलिस ने जारी किए दिशा-निर्देश
तुंगनाथ धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, पुलिस ने जारी किए दिशा-निर्देश
481 भारतीय एवं 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी
481 भारतीय एवं 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी
वीकेंड पर नैनीताल में पर्यटकों का सैलाब, शहर की सड़कों पर लगा लंबा जाम
वीकेंड पर नैनीताल में पर्यटकों का सैलाब, शहर की सड़कों पर लगा लंबा जाम
क्या आप भी खाते हैं रोजाना तला-भुना खाना? तो बढ़ सकता है इन गंभीर बीमारियों का खतरा
क्या आप भी खाते हैं रोजाना तला-भुना खाना? तो बढ़ सकता है इन गंभीर बीमारियों का खतरा
दून मेडिकल कॉलेज में 80 लाख के मेस घोटाले का खुलासा, जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी गई
दून मेडिकल कॉलेज में 80 लाख के मेस घोटाले का खुलासा, जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी गई

दिल्ली में पेड़ों की अवैध कटाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, DDA अधिकारियों पर जुर्माना और सख्त दिशानिर्देश जारी

दिल्ली में पेड़ों की अवैध कटाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, DDA अधिकारियों पर जुर्माना और सख्त दिशानिर्देश जारी

सड़क निर्माण और वनरोपण से जुड़ी सभी गतिविधियों में अदालत को सूचना देना जरूरी

वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन

नई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के दक्षिणी रिज क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पेड़ों की अवैध कटाई को गंभीरता से लेते हुए डीडीए अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने इस कार्रवाई को अवमानना की श्रेणी में रखा और स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण के नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने निर्देश दिया कि भविष्य में वृक्षारोपण, निर्माण कार्य या किसी भी प्रकार के पारिस्थितिक प्रभाव वाले फैसलों में अदालत के समक्ष लंबित मामलों का उल्लेख अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट ने डीडीए और दिल्ली सरकार को सलाह देने के लिए एक तीन सदस्यीय समिति भी गठित की है, जो हरित क्षेत्र बढ़ाने और वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने पर सुझाव देगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top