इटावा में ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार

इटावा: ऑनलाइन गेमिंग और हार-जीत की बाजी के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और लैपटॉप समेत कई अहम सामान बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंक खाते खुलवाकर ठगी की रकम का लेनदेन करते थे।

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य आपस में तालमेल बनाकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाते थे। ऑनलाइन गेमिंग और सट्टे में जीत-हार के नाम पर ठगी से हासिल रकम इन खातों में मंगाई जाती थी। इसके बाद एटीएम और डेबिट कार्ड के साथ सिम कार्ड का इस्तेमाल करके पैसों का लेनदेन किया जाता था।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस तरीके से ठगी की रकम को अलग-अलग खातों के माध्यम से आगे भेजा जाता था, जिससे लेनदेन का पता लगाना मुश्किल हो सके। पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस ने इस मामले में अंशुल उर्फ अंशु तिवारी, निवासी ग्राम श्रीनगर बलोथ, थाना लवेदी, जो वर्तमान में इकदिल के मानिकपुर मोड़ क्षेत्र में रह रहा था; रांकी राणावत, निवासी किल्ली रोड, थाना बसरहर; अंकित मिश्रा उर्फ राहुल, निवासी विकास कॉलोनी, इकदिल; और मोहित उर्फ रोहित यादव, निवासी रूपपुर, थाना अछल्दा, जिला औरैया को गिरफ्तार किया है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 16 मोबाइल फोन, 42 एटीएम और डेबिट कार्ड तथा छह सिम कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा एक लैपटॉप, अलग-अलग बैंकों के खातों से संबंधित दस्तावेज, तीन रजिस्टर, शपथपत्र और फर्जी सिम कार्ड के इस्तेमाल से जुड़ी एक बायोमेट्रिक मशीन भी जब्त की गई है।

पुलिस इन बरामद वस्तुओं की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने कितने बैंक खातों का इस्तेमाल किया और ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी गई।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल रांकी राणावत और अंकित मिश्रा के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी, जालसाजी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस गिरोह के आर्थिक लेनदेन

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